नकली खोवा-पनीर का कारोबार रोकने की मांग, मौके पर हो टेस्टिंग
कालपी (जालौन)
पर्वों नजदीक आते ही बाजारों में खरीदारी को लेकर भीड़ बढ़ने लगी है। इसी के साथ खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले कारोबारियों के सक्रिय होने की आशंका भी बढ़ गई है। नागरिकों ने प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से नकली तथा मिलावटी खोवा-पनीर की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए बाजारों में औचक जांच अभियान चलाने की मांग की है।
कालपी की खोवा मंडी प्रदेश ही नहीं, बल्कि आसपास के कई राज्यों में भी प्रसिद्ध है। यहां से बड़ी मात्रा में खोवा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ ही गुना, शिवपुरी, भोपाल, इंदौर सहित अन्य स्थानों पर भेजा जाता है। ऐसे में त्योहार के समय खोवा और पनीर की मांग बढ़ने के कारण मिलावट की संभावना को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है। बताया गया है कि मुनाफाखोरी के चक्कर में कुछ कारोबारी दूध से तैयार होने वाले खाद्य पदार्थों में विभिन्न प्रकार के मिलावटी पदार्थों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है।
नागरिकों ने मांग की है कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम बाजार, खोवा मंडी तथा प्रमुख प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण करे। साथ ही मौके पर ही आधुनिक टेस्टिंग मशीनों के माध्यम से खोवा और पनीर के नमूनों की प्राथमिक जांच की व्यवस्था की जाए, ताकि मिलावट पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
जिला संवाददाता
गायत्री निषाद की कलम से

