मौदहा। हमीरपुर।26 सितंबर मौदहा में बीते दो अड़तालीस घंटों से जारी भीषण बारिश के बावजूद ऐतिहासिक कंस वध मेला धूमधाम से संपन्न हुआ। जिसमें एक दर्जन से अधिक झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकालकर मीरा तालाब में कंस वध की लीला का आयोजन किया गया।इस मेले के मद्देनजर प्रशासनिक अधिकारी लगातार शांति व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने रहे हैं।
बताते चलें कि मौदहा कस्बा के ऐतिहासिक तीन दिवसीय कंस वध मेला का आगाज शुक्रवार को हुआ । जिसमें कस्बा के गुड़ाही बाजार में देर शाम कंस दरबार की झांकियों में बकासुर, पूतना, अघासुर, हाथी, घोड़ा के साथ कंस का भव्य दरबार सजाया गया। देर रात गुड़ाही बाजार स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर से भगवान कृष्ण डोला का डोला निकला जोकि कस्बा के देवी चौराहा, कजियाना, मथुरा मंदिर, जीजीआईसी मोड़ से होते हुए थाना चौराहा, नेशनल चौराहा होकर पुनः गुड़ाही बाजार पहुंचा। डोला के साथ में सुरक्षा व्यवस्था बड़ी संख्या में नगरवासी और पुलिस फोर्स तथा प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।देर रात तक झांकियां देखने वालों का तांता लगा रहा।दूसरे दिन शनिवार को गुड़ाही बाजार से लगभग एक दर्जन झांकियों की शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा लक्ष्मी नारायण मंदिर से शुरू हुई और देवी चौराहा से घूम कर नेशनल चौराहा, थाना चौराहा, मराठीपुरा होते हुए मीरा तालाब पहुंची। जहां नाग नाथ लीला, बकासुर ,अघासुर , पूतना बध के बाध देर शाम कंस वध लीला सम्पन्न हुई। जहां मेला प्रेमियों की भारी भीड़ जमा रही। प्रशासन ने तालाब में लोगों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैरीकेडिंग के साथ ही नावों व गोताखोरों का इंतजार किया था। इधर कंस वध मेला के मौके पर मीरा तालाब और ओरी तालाब में 51 घंटे का अखंड कबीरी भजन कार्यक्रम शुरू रहा जिसका आनंद भजनानंदी उठाते देखे गए। कंस बध के बाद रात्रि में कस्बा के गुड़ाही बाजार सहित अन्य स्थानों पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। मेला को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला एवं गैर जिलों के पुलिसकर्मी को तैनात किया गया साथ ही कस्बा को मुख्य रूप से दो जोन में बांटा गया । जिसमें 3 सीओ, 8 एसएचओ, 58 सब-इंस्पेक्टर, 225 पुलिस व महिला कांस्टेबल तथा 18 हेड कांस्टेबल, दो पीएसी प्लाटून कंपनी, तीन फायर सर्विस की गाड़ियां मौजूद रही।मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए मीरा तालाब के मेला मैदान व देवी चौराहा में अस्थाई रूप से पुलिस की चौकियां बनाई गई हैं। जिनमें एलआईयू, डॉग स्क्वायड तथा ड्रोन कैमरों से निगरानी रही वहीं विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी नगर पालिका ने अलग-अलग मेला क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकर एवं अस्थाई शौचालय की व्यवस्था करने के साथ ही विभिन्न स्थानों पर स्वागत गेट सजवाए थे।
