
डिंडौरी जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा लगातार सतर्कता एवं सक्रियता के साथ कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्याम सिंगौर के मार्गदर्शन में जिलेभर में जागरूकता और निगरानी अभियान निरंतर संचालित है।
इसी क्रम में आज 23 अप्रैल 2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर विकासखंड समनापुर के ग्राम भालापुरी अंतर्गत शिकारी टोला में एक संभावित बाल विवाह को समय रहते रोकने में सफलता प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक तथा पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
जांच के दौरान एक नाबालिग बालिका (लगभग 17 वर्ष) का विवाह कराए जाने की तैयारी पाई गई। मौके पर उपस्थित टीम ने परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए इसके दुष्परिणामों से अवगत कराया।
प्रशासनिक टीम की समझाइश के पश्चात परिजनों ने बाल विवाह न करने की सहमति दी, जिससे एक संभावित बाल विवाह को रोका जा सका। जिला प्रशासन ने बाल विवाह को गंभीर सामाजिक बुराई बताते हुए आमजन से अपील की है कि कहीं भी इस प्रकार की सूचना मिलने पर तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन 112 अथवा वन स्टॉप सेंटर डिंडौरी के हेल्पलाइन नंबर 7828195167 पर जानकारी दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।