

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा (हमीरपुर)।
सरकार जहां एक ओर गौवंश की सुरक्षा और देखभाल के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। मौदहा विकास खंड के कुनेहटा स्थित गौशाला से सामने आईं विचलित कर देने वाली तस्वीरों ने गौशालाओं की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में गौशाला परिसर के अंदर लगभग आधा दर्जन गोवंश मृत अवस्था में इधर-उधर पड़े दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है बल्कि प्रशासनिक निगरानी पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
वायरल वीडियो में ग्राम प्रधान और कुछ युवकों के बीच तीखी नोकझोंक होती भी दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में न तो पशुओं को पर्याप्त चारा मिल रहा है और न ही उनकी देखभाल के लिए कोई ठोस व्यवस्था है, जिसके कारण गोवंश दम तोड़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर गौशाला की निगरानी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती तो शायद यह स्थिति पैदा नहीं होती। वहीं इस पूरे मामले में अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि गौशालाओं के नाम पर आने वाली सरकारी धनराशि आखिर खर्च कहां हो रही है और गोवंश की मौतों के लिए जिम्मेदार कौन है? क्षेत्र के लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यदि समय रहते प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।
