
*सौसर में गूंजेगा “जय शिवराय”, 18 से 20 फरवरी तक चलेगा शिवशौर्य का महापर्व — श्री शिवराय संगठन द्वारा तीन दिवसीय भव्य “श्री शिवजन्मोत्सव” का आयोजन*
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुरना: सौसर की धरती अब एक बार फिर शिवशौर्य और स्वराज्य की गूंज से गूंजने जा रही है। हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक, राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के पावन अवसर पर श्री शिवराय संगठन, सौसर द्वारा 18 फरवरी से 20 फरवरी तक तीन दिवसीय भव्य “श्री शिवजन्मोत्सव” का आयोजन किया जा रहा है।
नगर में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त उत्साह है। हर गली-मोहल्ले में भगवा रंग की ऊर्जा दिखाई देने लगी है और तैयारियां तेज़ी से अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।

*शौर्य दौड़ से होगा उत्सव का दमदार आगाज*
तीन दिवसीय इस महापर्व की शुरुआत होगी भव्य “शौर्य दौड़” से, जो नगर के युवाओं में जोश, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की नई ऊर्जा भरेगी।
यह दौड़ छत्रपति शिवाजी महाराज चौक, सौसर से प्रारंभ होकर मोहगांव स्वागत द्वार तक जाएगी तथा पुनः शिवाजी महाराज चौक पर संपन्न होगी।
इस दौड़ के माध्यम से युवाओं को स्वास्थ्य, शक्ति और स्वराज्य का संदेश दिया जाएगा। आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने हेतु प्रशासन के समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था एवं एम्बुलेंस सुविधा भी विशेष रूप से सुनिश्चित की गई है।

*18 से 20 फरवरी तक चलेगा शिवजन्मोत्सव का गौरवशाली कार्यक्रम*
श्री शिवराय संगठन के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस तीन दिवसीय आयोजन में धर्म, संस्कृति और शौर्य से जुड़े कई प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे—
प्रथम दिवस (18 फरवरी) :
शौर्य दौड़ एवं भव्य उद्घाटन समारोह
द्वितीय दिवस (19 फरवरी) :
छत्रपति शिवाजी महाराज जन्मोत्सव कार्यक्रम,अभिषेक,हवन-पूजन
तृतीय दिवस (20 फरवरी) : (मुख्य आयोजन)शिवशाहीर विक्रांत राजपूत द्वारा भव्य वीर गीत एवं शिवचरित्र पोवाड़ा की ओजस्वी प्रस्तुति।
यह तीन दिन सौसर के लिए ऐतिहासिक बनने जा रहे हैं, जब मंच से शिवशौर्य के स्वर गूंजेंगे और जन-जन के मन में स्वराज्य की भावना जागृत होगी।
*नगरवासियों से संगठन की जोशीली अपील*
श्री शिवराय संगठन ने सौसर नगर एवं क्षेत्र के समस्त शिवभक्तों, युवाओं, मातृशक्ति और नागरिकों से अपील की है कि वे इस गौरवशाली आयोजन में भगवा ध्वज के साथ बड़ी संख्या में शामिल होकर शिवजन्मोत्सव को भव्य और ऐतिहासिक बनाएं।
संगठन ने कहा कि यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि शिव विचार, शौर्य, संस्कृति और स्वराज्य की चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान है।