

भक्तों का जनसैलाब उमड़ा जब भोलेनाथ की दिव्य बारात निकली, श्रद्धा की गूंज से थर्राया विजयराघवगढ़ हर जुबान पर एक ही नाम निलकंठेश्वर भक्ति धाम आयोजन महान
भक्ति की सरिता उमड़ी शिवलिंग निर्माण और रुद्राभिषेक के साथ भव्य शिवबारात में अद्भुत झांकियों ने मोहा मन
विजयराघवगढ़ के सलैया पड़खुरी स्थित पावन धाम निलकंठेश्वर भक्ति धाम में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अलौकिक आस्था का महासागर उमड़ पड़ा। प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें हर हर महादेव और बम बम भोले के जयघोष से वातावरण को शिवमय करती रहीं। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं कैलाश धरा पर अवतरित हो गया हो।मंदिर प्रांगण में स्थापित शिवालय के साथ साथ हनुमान जी महाराज राम दरबार प्रथम पूज्य श्री गणेश जी माँ दुर्गा श्रीकृष्ण राधारानी एवं सुदामा सहित समस्त देव प्रतिमाओं का विधिवत पूजन अर्चन हुआ। भक्तों ने अपार श्रद्धा के साथ शिवलिंग निर्माण कर रुद्राभिषेक किया। वेद मंत्रों की गूंज और घंटों की अनुगूंज ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया। कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक धाम के संचालक परम श्रद्धेय मदनलाल ग्रोवर जी की प्रेरणा से उनके सुपुत्र बाबू ग्रोवर एवं धर्मपत्नी अदिति ग्रोवर पुत्र रुद्राक्ष ग्रोवर ने समस्त देवी-देवताओं का पूजन कर आयोजन का शुभारंभ किया। ग्रोवर परिवार के साथ अनगिनत भक्तों ने आस्था के पुष्प अर्पित किए और महादेव का अभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया। महाशिवरात्रि के उपवासियों हेतु फलाहारी प्रसाद की सुंदर व्यवस्था की गई जिसे ग्रहण कर श्रद्धालु स्वयं को धन्य मानते रहे।तत्पश्चात देवों के देव महादेव की दिव्य एवं भव्य बारात धाम से लगभग एक किलोमीटर दूर तक निकाली गई। नंदी महाराज भैरव देव भूतनाथ सहित विविध अलौकिक स्वरूपों की मनोहारी झांकियों ने जनमानस को मंत्रमुग्ध कर दिया। सजे-धजे रथ आकर्षक वेशभूषा और गगनभेदी जयकारों के बीच ढोल नगाड़ों और बैंड बाजों की मधुर धुनों ने समूचे वातावरण में उत्साह और आनंद का संचार कर दिया। ग्रोवर परिवार एवं निलकंठेश्वर भक्ति धाम समिति के सदस्य अपने सिर पर सुसज्जित थालों में शिवलिंग धारण कर भक्ति भाव से बारात में सम्मिलित हुए। अन्य बारातियों का सम्मानपूर्वक पगड़ी पहनाकर अभिनंदन किया गया। श्रद्धा, सम्मान और समर्पण का ऐसा अद्भुत संगम विरले ही देखने को मिलता है। अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण के बीच यह भव्य शिवबारात तालाब कुंड के समीप पहुंची, जहां शिवलिंग का जलाभिषेक कर विधिवत विदाई दी गई। उस क्षण उपस्थित हर श्रद्धालु की आंखें भावविभोर थीं मानो स्वयं शिव कृपा की वर्षा कर रहे हों। आयोजन में लगभग बीस हजार से अधिक भक्तों की उपस्थिति दर्ज की गई। निलकंठेश्वर भक्ति धाम का प्रांगण श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। सुरक्षा व्यवस्था हेतु बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा जिन्होंने व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा। समूचा विजयराघवगढ़ हर हर महादेव के उद्घोष से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने महादेव की जय-जयकार कर पुण्य फल प्राप्त किया और शिवमय अनुभूति के साथ अपने जीवन को धन्य किया।कल पूर्णाहुति के साथ विशाल भंडारे का आयोजन होगा जिसमें हजारों भक्त प्रसाद ग्रहण कर महादेव की कृपा प्राप्त करेंगे साथ ही ब्रंदावन से आएगे कलाकार हेमन्त ब्रजवासी अपनी मधुर वाणी से मनमोहक गीतो के साथ संगीत मय गीतो से कार्यक्रम मे चार चाद लगाएगे । निस्संदेह यह आयोजन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि आस्था एकता और सनातन संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति बनकर उभरा है।

