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हमीरपुर:अधिकारियों ने गौशाला का किया निरीक्षण, गौवंश मरने की शिकायत बताई निराधार

हमीरपुर से ब्यूरों चीफ़ राजकुमार की रिपोर्ट

सुमेरपुर हमीरपुर। ग्राम पंचायत इंगोहटा की गौशाला में बंद दो दर्जन से ज्यादा गोवंश के मरने की शिकायत तहसील दिवस में होने से हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम बनाकर तत्काल मौके पर भेजकर रिपोर्ट तलब की।

शनिवार को आयोजित तहसील दिवस में इंगोहटा निवासी दिवाकर सिंह परिहार आदि ने शिकायत करते हुए कहा कि गौशाला में संरक्षित आधा सैकड़ा गोवंश की मौत भूख प्यास से हो गई। मृत गोवंश को गौशाला से निकालकर नाला किनारे फेंक दिया गया है। इसको जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी को शामिल करके जांच टीम बनाकर मौके पर भेजा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर भूपेंद्र सिंह, प्रभारी खंड विकास अधिकारी आशीष कटियार, पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर अंकुर सचान को साथ लेकर गौशाला पहुंचे और संरक्षित गोवंश की गणना कराई। पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर अंकुर सचान ने बताया कि 20 दिसंबर को भरण पोषण को भेजी गई रिपोर्ट में गौशाला में बंद गोवंश की संख्या 134 थी मौके पर 128 गोवंश संरक्षित पाया गया है। इस अवधि में आधा दर्जन गोवंश की स्वाभाविक मौत हुई है। जिसकी निस्तारण का रिकॉर्ड भी उपलब्ध है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गुरु प्रताप सिंह परिहार ने अधिकारियों को बताया कि नाले किनारे फेके गए गोवंश ग्रामीणों के हैं। गौशाला में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। आप फुटेज निकाल कर जांच कर सकते हैं। गोवंश के मरने की शिकायत निराधार है। गौशाला में लगे सीसीटीवी कैमरे की चिप को निकालकर पंचायत भवन के कंप्यूटर में लगाकर चेक किया गया लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि गौशाला में भूसा, पानी, ठंड से बचाव के बेहतर इंतजाम है। भूख प्यास से गोवंश की करने की शिकायत निराधार है। महज आधा दर्जन गोवंश कम मिला है उनकी स्वाभाविक मौत होने का रिकॉर्ड गौशाला के अभिलेखों में दर्ज है।

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