

रिपोर्टर : दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार।। निमाड़ी बोली बहुत मीठी और समृद्ध है। इसका शब्दकोश और व्याकरण भी वृहद है। निमाड़ जनपद क्षेत्र काफी विस्तृत है। करीब 1 करोड़ 40 लाख लोग बोलचाल में निमाड़ी बोली का उपयोग करते हैं। इसके बावजूद सरकार द्वारा निमाड़ी बोली के साथ में सौतेला व्यवहार किया गया है। निमाड़ी को राजभाषा का दर्जा दिया जाना चाहिए जो कि अब तक नहीं दिया गया है। उक्त उद्बोधन वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री जगदीश जोशीला ने स्थानीय बंकनाथ मंदिर परिसर में अखिल निर्माण लोक परिषद और अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा आयोजित निमाड़ी बोली का विकास और चुनौती विषय पर आधारित व्याख्यान में व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी होने वाली जनगणना में निमाड़ जनपद के समस्त लोग मातृभाषा के कॉलम में निमाड़ी का नाम दर्ज करें। जिससे सरकार के समक्ष निमाड़ी की ताकत प्रदर्शित होगी। अलग-अलग क्षेत्र के लोग आपस में अपनी मातृभाषा में बोलने में गर्व महसूस करते हैं। वही हमारे क्षेत्र के लोग आपस में निमाड़ी बोलने में हीनता महसूस करते हैं। हमें अपनी बोलचाल में निमाड़ी को प्रमुखता देना चाहिए। जिससे निमाड़ी बोली के साथ-साथ यहां की परंपरा संस्कृति और कला की अस्मिता बची रहेगी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि निमाड़ी और निमाड़ जनपद क्षेत्र से निकलकर इसकी आवाज और ताकत दिल्ली तक पहुंची है।
प्रथम नगर आगमन पर जोशीला का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने बाबा बंकनाथ का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वागत भाषण अखिल भारतीय साहित्य परिषद के महासचिव विश्वदीप मिश्रा ने दिया। इस अवसर पर पद्मश्री जगदीश जोशीला ने अपने पद्मश्री अलंकरण को निमाड़ की जनता को समर्पित किया। स्थानीय बोलियों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की योजना को लेकर उन्होंने सरकार की प्रशंसा भी की। बोलियों के संरक्षण के लिए इसे सरकार का एक अच्छा कदम बताया। कार्यक्रम का संचालन कवि एवं अखिल निमाड़ लोक परिषद के प्रांतीय सचिव राम शर्मा परिंदा ने किया। आभार अखिल निमाड़ लोक परिषद के तहसील संयोजक रमेश कुशवाहा ने माना।
विभिन्न संगठनों ने किया स्वागत.. अभिनंदन..
कार्यक्रम के प्रारंभ में जोशीला का स्वागत विभिन्न संगठनों द्वारा किया गया। अखिल निमाड़ लोक परिषद की महिला इकाई की प्रांत महासचिव डॉ कविता शर्मा, स्वरागिनी गायन ग्रुप के अध्यक्ष संदीप जाजमे, राजा पाठक, संतोष बागेश्वर, कैलाश मंडलोई, नितिन मंडवाल, अखिल भारतीय साहित्य परिषद की ओर से वरिष्ठ साहित्यकार गोविंद सेन, संजय वर्मा, स्वप्निल शर्मा, दीपिका व्यास, योगिता उपाध्याय, दीपक पटवा, आशुतोष सोनी, अतुल श्रीवास्तव, सुखदेव राठौर, मां नर्मदा जन जागृति संस्था की ओर से तुकाराम पाटीदार, भागीरथ राठौर, जगदीश मुकाती, हुकुमचंद अगल्चा, शिक्षक संघ की ओर से सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य सोहन शिंदे, प्रकाश वर्मा, कैलाश बर्मन, प्रवीण डावर, महेंद्र अलावा, मुकेश पिपलाद, विनोद नामदेव, जगदीश पाटीदार, कराटे खिलाड़ी विशाल दामके, नपा पार्षद प्रतिनिधि अरविंद नामदेव, अटल दरबार समिति के डॉ.मनोज पाटीदार और बंकनाथ मंदिर के महंत ने किया। अखिल निमाड़ लोक परिषद की ओर से जोशीला को साफा शाल श्रीफल से सम्मानित किया गया।
महिला इकाई का गठन….
कार्यक्रम के दौरान 20 सदस्यों ने परिषद की सदस्यता ग्रहण की। महिला इकाई के गठन की घोषणा भी की गई जिसमें मनावर महिला इकाई संयोजक पिंकी वास्केल, सह संयोजक ममता नामदेव, कोषाध्यक्ष शांति पाटीदार को सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया।
