A2Z सभी खबर सभी जिले कीUncategorizedअन्य खबरे

समय रहते बड़े अस्पताल पहुंचाने से बच सकती थी घायल की जान

मरीज के साथ कोई परिजन नहीं है उसे वक्त पर बड़े अस्पताल पहुंचाने की हो स्थाई व्यवस्था

‎अगर समय रहते बड़े अस्पताल में पहुंचते तो बच सकती थी सड़क दुर्घटना में घायल की जान

‎जिस मरीज के साथ कोई परिजन नहीं है उसे वक्त पर बड़े अस्पताल पहुंचाने की हो स्थाई व्यवस्था

संवाददाता। रणजीत कुमार। जहानाबाद। इंजीनियरिंग का छात्र हर्षित राज सदर अस्पताल के डॉक्टर के द्वारा रविवार की सुबह 8:03 पर पीएमसीएच पटना के लिए रेफर किया गया था, जिस समय वह गैस पीन में जा रहा था। इसके बावजूद उसे उसके मामा निशांत कश्यप के आने के के पश्चात लगभग 1:00 बजे के करीब पटना के लिए रवाना किया गया। अपराह्न करीब 3:00 बजे पीएमसीएच पटना पहुंचने के बाद वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

‎सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को जल्द से जल्द इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले को प्रोत्साहित करने के लिए इनाम दिया जाता है। वहीं सरकारी अस्पताल में से बड़े अस्पताल के लिए रेफर होने के बाद 5 घंटे तक मरीज वहीं पड़ा रहता है, जिसके कारण उसकी जान चली जाती है। हर्षित अगर 5 घंटा पहले पीएमसीएच पहुंचता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।

Related Articles

सदर अस्पताल में पहले भी दुर्घटना में घायल वैसे लोग जिनका कोई परिवार नहीं होता पीएमसीएच पटना रेफर होने के बावजूद यही अस्पताल में ही पड़ा रहना पड़ता है, जिसके लिए सदर अस्पताल में एक स्थाई रूप से ऐसी व्यवस्था बनाने की जरूरत है ताकि गंभीर रूप से वैसा घायल जिसके साथ उसका कोई परिवार नहीं है उसे वक्त पर पीएमसीएच पटना पहुंचा जा सके।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!