
बस्ती – गांव के बाहर बने पंचायत भवन पर शराब की बोतलें और पैकेट, सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग पर उठे गंभीर सवाल।।
रुधौली (बस्ती)।पूरा मामला बस्ती जनपद के विकासखंड रुधौली की ग्राम पंचायत मझौआ कला द्वितीय से जुड़ा हुआ है, जहां सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत बनाए गए पंचायत भवन का उद्देश्य ही सवालों के घेरे में आ गया है। गांव के बाहर स्थित पंचायत भवन के आसपास शराब की खाली बोतलें, पाउच और गंदगी फैली हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पंचायत भवन का उपयोग ग्रामीणों की सुविधा के बजाय शराबियों और असामाजिक तत्वों के अड्डे के रूप में किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग को दर्शाती है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करती है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन गांव से बाहर होने के कारण अधिकांश समय बंद रहता है। पंचायत से जुड़े अधिकतर कार्य ग्राम प्रधान की “सज्जनता” के चलते उनके निजी आवास पर ही निपटाए जाते हैं। भवन बंद रहने का फायदा उठाकर शराबी यहां बैठकी जमाते हैं, जिससे आसपास का माहौल भी खराब हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रत्येक ग्राम पंचायत में सचिव, लेखपाल और पंचायत सहायक की तैनाती होती है, तो फिर पंचायत भवन की निगरानी कौन कर रहा है?
ग्रामीणों के अनुसार न तो सचिव नियमित रूप से पंचायत भवन पर बैठते हैं और न ही पंचायत सहायक दिखाई देते हैं, जबकि पंचायत सहायक का एकमात्र कार्य पंचायत कार्यालय में रहकर जनहित से जुड़े कार्यों को संपादित करना है। यह भी यक्ष प्रश्न बना हुआ है कि पंचायत भवन परिसर में पड़ी शराब की बोतलें आखिर किसकी देन हैं? क्या यह केवल असामाजिक तत्वों की करतूत है या फिर जिम्मेदारों की लापरवाही ने उन्हें खुली छूट दे रखी है?
