A2Z सभी खबर सभी जिले की

*शिक्षा मायने नहीं रखती* *प्रेरणा और कट्टरवाद मायने रखता है*

ये हैं “डॉक्टर” — डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. आदिल अहमद, डॉ. शाहीन, डॉ. मोहिउद्दीन सईद, और डॉ. मोहम्मद उमर।

नाम सुनकर लगा होगा — कोई मेडिकल टीम है!
पर नहीं जनाब… ये हॉस्पिटल के स्टाफ नहीं, “जन्नत मिशन” के स्टाफ हैं!
आतं-क-वादी हैं सारे के सारे
🙄

डिग्रियाँ लीं, सालों पढ़ाई की, लाखों रुपए खर्च किए —
पर दिमाग में भरा वही पुराना ज़हर। 🧠☠️

सोचिए — जब आख़िर में “डॉक्टर” नहीं, आतंकी ही बनना था,
तो इतनी पढ़ाई-लिखाई की नौटंकी की ही क्यों?

Related Articles

घर दे दो, राशन दे दो, आयुष्मान कार्ड दे दो, कुछ कर दो.. अंत वहीं होता है जहाँ से सब शुरू हुआ था।

1947 का आधा अधूरा विभाजन, हिन्दुस्तान आज भी भुगत रहा है ॥
भगवान जाने आने वाली पीढ़ी का क्या होगा ।
भारतीय लोग चाहे जीतनी भी संपत्ति बना लें व तरक़्क़ी कर ले , वो बारूद पर ही बैठे है ॥
आनेवाली पीढ़ियों के लिए भयानक चिंतनीय है ॥
🇮🇳 🇮🇳 🇮🇳

 

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!