
मेडिकल स्टोर्स की जांच कर कोल्ड्रीफ कफ सीरप का रिकॉर्ड चेक करने कलेक्टर ने दिए निर्देश
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 06 अक्टूबर को टीएल बैठक में विभिन्न विभागों के समय सीमा संबंधी प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, अपर कलेक्टर श्री डीपी बर्मन, सहायक कलेक्टर श्री आकाश अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप कौरव एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रीफ कफ सीरप के उपयोग से बच्चों की मौत होने के मामले में संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने सम्पूर्ण बालाघाट जिले में कोल्ड्रीफ कफ सीरप एवं नेस्ट्रो -डीएस सस्पेंशन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं औषधि निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिये कि वे जिले में स्थित समस्त मेडिकल स्टोर्स की जांच कर कोल्ड्रीफ कफ सीरप एवं नेस्ट्रो-डीएस सस्पेंशन के रिकॉर्ड की जांच करें। सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को भी निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र के समस्त मेडिकल स्टोर्स की जांच कर इन प्रतिबंधित दवाओं का स्टॉक चेक करें और सुनिश्चित करे कि इनका विक्रय न हो और मरीजों के उपचार में उपयोग न हो।
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने 06 अक्टूबर को टीएल बैठक में विभिन्न विभागों के समय सीमा संबंधी प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, अपर कलेक्टर श्री डीपी बर्मन, सहायक कलेक्टर श्री आकाश अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रदीप कौरव एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रीफ कफ सीरप के उपयोग से बच्चों की मौत होने के मामले में संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने सम्पूर्ण बालाघाट जिले में कोल्ड्रीफ कफ सीरप एवं नेस्ट्रो -डीएस सस्पेंशन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं औषधि निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिये कि वे जिले में स्थित समस्त मेडिकल स्टोर्स की जांच कर कोल्ड्रीफ कफ सीरप एवं नेस्ट्रो-डीएस सस्पेंशन के रिकॉर्ड की जांच करें। सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को भी निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र के समस्त मेडिकल स्टोर्स की जांच कर इन प्रतिबंधित दवाओं का स्टॉक चेक करें और सुनिश्चित करे कि इनका विक्रय न हो और मरीजों के उपचार में उपयोग न हो।