

अलीगढ़ न्यूज
क्वार्सी चौराहा से बुलंदशहर के नरौरा तक इस मार्ग के चौड़ीकरण को लोक निर्माण विभाग ने टैंडर प्रक्रिया पिछले दिनों पूरी की। जिसमें से 219.52 करोड़ रुपये के टैंडर को लेकर पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू व सांसद सतीश गौतम द्वारा अलग-अलग शिकायतें की गई। जिसमें अनियमितता का आरोप लगाया गया।
अलीगढ़ जिले में सड़कों की दुर्दशा व रामघाट कल्याण मार्ग के 219.52 करोड़ रुपये के टेंडर में गड़बड़ी पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ा एक्शन लिया है। पीडब्ल्यूडी के६ अधीक्षण अभियंता संजय कुमार गौतम को निलंबित करते हुए एक्सईएन योगेश कुमार पर जांच नियत कर दी गई है। वहीं मुख्य अभियंता सौरभ बैराठी को अलीगढ़ से हटाते हुए मुख्यालय से संबद्ध कर स्पष्टीकरण मांगा है। एक साथ इतनी तगड़ी कार्रवाई से महकमे में खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि यह अभी शुरुआत है। आगे कुछ अन्य अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।
क्वार्सी चौराहा से बुलंदशहर के नरौरा तक इस मार्ग के चौड़ीकरण को लोक निर्माण विभाग ने टैंडर प्रक्रिया पिछले दिनों पूरी की। जिसमें से 219.52 करोड़ रुपये के टैंडर को लेकर पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू व सांसद सतीश गौतम द्वारा अलग-अलग शिकायतें की गई। जिसमें अनियमितता का आरोप लगाया गया। जिस पर शासन के निर्देश पर कमिश्रर ने नगर आयुक्त की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई। जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी व सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक को शामिल किया गया है। एक सप्ताह में इस समिति ने रिपोर्ट बनाकर कमिश्रर के जरिये शासन को भेजी।
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जांच रिपोर्ट में पाया गया कि औद्योगिक-लॉजिस्टिक पार्क के लिए अलीगढ़-रामघाट कल्याण सिंह मार्ग को दो अलग-अलग पैकेज में फोरलेन करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। इनकी लागत क्रमश: 136.60 करोड़ और 82.92 करोड़ रुपये है। कामों की स्वीकृति से पहले ही निविदाएं आमंत्रित की गईं और शुद्धि पत्र के माध्यम से एक दिन की अवधि बढ़ाई गई। जिसमें औसतन 24 प्रतिशत कम दरों की निविदाएं प्राप्त हुईं, जबकि इन दोनों कामों की निविदाएं क्रमश: 6.05 और 6.81 प्रतिशत कम दरों पर प्राप्त हुईं। इन दोनों कामों में प्रतिस्पर्धा कम हुई, जिससे सरकारी धन का नुकसान हुआ। इसी आधार पर अलीगढ़ लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय कुमार गौतम को शासन ने निलंबित कर दिया है। वे निलंबन काल में प्रमुख अभियंता कार्यालय, लखनऊ से संबद्ध रहेंगे। उनके मामले में आगे की जांच सहारनपुर के मुख्य अभियंता करेंगे।
मुख्य अभियंता सौरभ बैराठी को हटाया, मांगा स्पष्टीकरण
मुख्यमंत्री के अलीगढ़ मंडल की समीक्षा के समय शहर की सडक़ों का मुद्दा जोर शोर से उठा था। उससे पहले दिशा की मीटिंग में सांसद व अन्य जनप्रतिनिधियों ने सूतमिल से नादा पुल व सूतमिल से भांकरी तक की सडक़ के निर्माण में अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। यह मुद्दा समीक्षा में सीएम के समक्ष रखा गया था। उसी का संज्ञान लेते हुए यहां के मुख्य अभियंता सौरभ बैराठी को हटाया गया है। साथ में यह भी कहा गया है कि वे अपना लिखित स्पष्टीकरण 15 दिन के भीतर शासन को उपलब्ध कराएं। अन्यथा उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। उनके स्थान पर इंडो-नेपाल बॉर्डर के मुख्य अभियंता विजय सिंह को अलीगढ़ का मुख्य अभियंता बनाया गया है।
सीएम के आगमन से पहले व उनके समीक्षा मीटिंग करके जाने के बाद शहर के रामघाट रोड सहित अन्य तमाम सडक़ों के गड्ढों व सडक़ों से उड़ती धूल का मुद्दा लगातार उठाया था। इस मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों के स्तर से शासन को अवगत कराया गया था। साथ में अखबार की खबरें तक सीएम कार्यालय तक भेजी गई थीं। इसके बाद ही सीएम का मूड यहां समीक्षा के समय आते पर बिगड़ा था। इसके बाद मामले में कार्रवाई शुरू हुई है। संकेत हैं कि आगे अन्य लोगों पर भी गाज गिर सकती है।