
बदहाली का शिकार बेरौचा का अंत्येष्टि स्थल
कौशाम्बी: विकास खंड कौशाम्बी के ग्रामीणों को अपनों के अंतिम संस्कार के लिए इधर-उधर न जाना पड़े इसलिए गांव में अंत्येष्टि स्थल बनवाए गए थे। मगर कुछ जिम्मेदार लोगों की लापरवाही के चलते बदहाल अंत्येष्टि स्थलों को देखकर शासन की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ऐसा ही हाल विकास खंड कौशाम्बी की ग्राम पंचायत बेरौचा के अंत्येष्टि स्थल का है। जिसका निर्माण 24 लाख 36 हजार रुपए खर्च कर कराया गया था। वहां अब बड़ी-बड़ी झाड़ियां और कंटीले पेड़ खरपतवार उग आईं हैं।
2016-17 में कराया गया था निर्माण
ग्राम पंचायत की तरफ से राज्य वित्त की धनराशि से गांव में अंत्येष्टि स्थल का निर्माण वर्ष 2016-17 में कराया गया था। देखरेख के अभाव में अब अंत्येष्टि स्थल के पूरे परिसर में गंदगी होने के साथ ही और झाड़ उग आयी है। जहां जहरीले जीव-जंतुओं की मौजूदगी रहती है। गांव में किसी की मृत्यु हो जाने पर परिजन यहां आने की बजाय शव का अंतिम संस्कार यमुना जी में प्रवाह करते हैं।मुख्य मार्ग से अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने के लिए मार्ग है, जो झाड़ियों से घिरा है। वहां लगा नल भी पूरी तरह झाड़ में गुम हो गया है। स्नानगृह और शौचालय को बूरी तरह से ध्वस्त हो गया। अंत्येष्टि स्थल को घास और झाड़ियों ने चारो तरफ से घेर रखा है। ग्राम बेरौचा के अंत्येष्टि स्थल में अभी तक एक अन्तिम संस्कार नहीं की गई है। इसलिए अंत्येष्टि स्थल का इतना बुरा हाल है कोई अधिकारी आकर देखे तब उसे पता चलेगा कि क्यों नहीं हो रहा अन्तिम संस्कार अन्य गांवों के ग्रामीण अंत्येष्टि स्थल पर आने से कतरा रहे हैं कि जिस गांव में बना अंत्येष्टि स्थल उस गांव लोगों ने अन्तिम संस्कार नहीं किया तो हम लोग कहां से करेंगे। अंत्येष्टि स्थल को उच्च अधिकारियों से जांच किया जाये तो पता हो जायेगा इसमें क्या कमियां है।