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भावपूर्ण श्रद्धांजलि…वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व शक्कर डीलर स्वर्गीय हीरालाल पटेल के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर…

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर, जिला धार। ग्राम वायल के प्रतिष्ठित पटेल (डीलर) परिवार के वरिष्ठ सदस्य, धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय, सरल एवं मिलनसार व्यक्तित्व के धनी श्री हीरालाल पटेल जी (पूर्व शक्कर डीलर) के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। उनके निधन से परिवार, समाज, परिचितों एवं क्षेत्रवासियों में शोक की लहर है।

स्वर्गीय हीरालाल जी अपने पीछे भरा-पूरा परिवार तथा अपने सेवाभावी एवं आत्मीय व्यवहार की अनेक स्मृतियां छोड़ गए हैं। वे उन्नतिशील किसान देवाराम पाटीदार, सेवानिवृत्त शिक्षक शोभाराम पाटीदार, तुकाराम पाटीदार एवं वरिष्ठ पत्रकार तथा ग्राम पंचायत वायल के उपसरपंच दिनेश पटेल के पूज्यनीय पिताजी थे। परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा एवं समाजसेवा में सक्रिय भूमिका के कारण पटेल परिवार का क्षेत्र में विशेष सम्मान रहा है।

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*शक्कर डीलर के रूप में बनाई अलग पहचान* स्वर्गीय हीरालाल जी ने अपने जीवनकाल में मेहनत, ईमानदारी और व्यवहार-कुशलता के बल पर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। पुराने समय में जब शक्कर का व्यापार निजी डीलरों के माध्यम से हुआ करता था, उस दौर से ही वे “शक्कर डीलर” के नाम से क्षेत्र में प्रतिष्ठित एवं प्रसिद्ध रहे। वर्ष 1971-72 के दौरान ग्राम पंचायत पचखेड़ा में सात गांव—सिरसाला, बड़गांवखेड़ी, भोगदड़, जीलवान्या, बोरली, वायल एवं पचखेड़ा शामिल थे। उस समय शासन द्वारा राशन की दुकानें निजी डीलरों के माध्यम से संचालित की जाती थीं। ग्राम पंचायत पचखेड़ा की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने में उनके योगदान को देखते हुए तत्कालीन तहसीलदार द्वारा उन्हें डोंचा पंचायत का प्रभार भी सौंपा गया था।

स्वर्गीय हीरालाल जी ग्राम वायल से साइकिल द्वारा डोंचा पंचायत जाते थे। इस दौरान उन्हें नदी पार कर पंचायत का कार्य करना पड़ता था। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से किया। लंबे समय तक शक्कर के व्यापार से जुड़े रहने के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग उन्हें इसी आत्मीय पहचान से जानते थे। उनका व्यवहार हमेशा सहज, सरल और आत्मीय रहा। वे छोटे-बड़े सभी लोगों से समान भाव से मिलते थे।

*सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में विशेष रुचि* स्वर्गीय हीरालाल पटेल जी धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। उन्हें धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में विशेष रुचि और गहरी आस्था थी। वे धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करते थे और समाज में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण को मजबूत बनाने में योगदान देते रहे। हाल ही में मार्च 2026 में ग्राम वायल स्थित निजी निवास पर पटेल परिवार द्वारा संकल्पित पंचम श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा का वाचन पंडित प्रवीण जी शर्मा, वराहनगर, बड़ा बड़दा द्वारा किया गया। इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से परिवार ने गांव एवं क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

स्वर्गीय हीरालाल जी का मानना था कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनके माध्यम से समाज में एकता, सद्भाव, संस्कार और सेवा की भावना भी मजबूत होती है। यही कारण रहा कि वे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों से सदैव जुड़े रहे।

*तीर्थ दर्शन एवं धार्मिक सेवा में भी रहे सक्रिय* स्वर्गीय हीरालाल जी स्वयं परिवार के साथ तीर्थ दर्शन करते थे तथा अन्य श्रद्धालुओं को भी धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए प्रेरित करते और सहयोग प्रदान करते थे। श्रावण मास के दौरान ओंकारेश्वर क्षेत्र में आयोजित रामधुन एवं भागवत कथा में उन्होंने परिवार सहित सेवा एवं सहभागिता की। मां नर्मदा घाट एवं सिंगाजी मंदिर के जीर्णोद्धार में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। धार्मिक आस्था के साथ-साथ उन्होंने समाजसेवा को भी अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया।

*शिक्षा एवं समाजसेवा में दिया योगदान* स्वर्गीय हीरालाल पटेल जी ने समाज के विकास और जरूरतमंदों की सहायता के लिए भी योगदान दिया। पाटीदार समाज छात्रावास, बड़वानी में बच्चों के लिए एक कक्ष के निर्माण में उन्होंने सहयोग किया। इसी प्रकार नवीन मां रेवाघाट निर्माण के लिए 31,000 रुपये तथा पूर्व शांतिधाम सेमल्दा के लिए 25,000 रुपये की राशि दान स्वरूप प्रदान की।

उनके ये सेवा कार्य उनके सामाजिक सरोकार एवं समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को दर्शाते हैं।

*जनसंघ के समय से सामाजिक एवं संगठनात्मक जुड़ाव* स्वर्गीय हीरालाल जी ने जनसंघ के समय से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता के रूप में भी कार्य किया। सामाजिक एवं राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में उनकी सक्रिय सहभागिता रही।

उनके योगदान एवं सामाजिक सक्रियता को देखते हुए भाजपा मंडल सिंघाना द्वारा भी उनका सम्मान कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

*सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा* स्वर्गीय हीरालाल जी का व्यक्तित्व अत्यंत सरल एवं सहज था। वे सभी से आत्मीयता के साथ मिलते थे और उनके व्यवहार में अपनापन दिखाई देता था। ग्रामीण परिवेश में रहते हुए उन्होंने अपने सामाजिक संबंधों को हमेशा मजबूती प्रदान की।

उनकी सहज मुस्कान, आत्मीय व्यवहार, धार्मिक आस्था और समाज के प्रति जुड़ाव को लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। उनके निधन से परिवार ने एक मजबूत मार्गदर्शक खो दिया है, वहीं समाज ने भी एक सरल, धार्मिक एवं मिलनसार व्यक्तित्व को खो दिया है।

*पटेल परिवार की सामाजिक क्षेत्र में रही अग्रणी भूमिका* ग्राम वायल का पटेल परिवार लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय एवं अग्रणी रहा है। परिवार के सदस्यों ने शिक्षा, कृषि, सामाजिक सेवा, धार्मिक गतिविधियों एवं जनहित के कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वर्गीय हीरालाल जी ने भी परिवार की इस सामाजिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अपने जीवन में लोगों से आत्मीय संबंध बनाए रखे और धार्मिक-सामाजिक कार्यों में योगदान दिया।

उनके निधन से परिवार एवं समाज में जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसकी भरपाई होना कठिन है। उनके द्वारा दिए गए संस्कार, उनके विचार और लोगों के साथ बनाए आत्मीय संबंध ही उनकी सबसे बड़ी विरासत हैं।

*क्षेत्रवासियों ने व्यक्त की गहरी संवेदना* स्वर्गीय हीरालाल पटेल जी के निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, किसानों, व्यापारियों, धार्मिकजनों, ग्रामवासियों एवं शुभचिंतकों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए परिवार को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।

स्वर्गीय हीरालाल जी का जीवन सामाजिक संबंधों, धार्मिक आस्था, सरलता, सेवा भावना और आत्मीय व्यवहार का उदाहरण रहा। उनके द्वारा समाज एवं परिवार के लिए किए गए कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव स्मरणीय रहेंगे। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल पटेल (डीलर) परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति एवं संबल प्रदान करें।
ॐ शांति

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