

मरीजों और उनके परिजनों को घंटों परेशानी का सामना
जहानाबाद। सदर अस्पताल में शुक्रवार को स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से डॉक्टर ड्यूटी पर नदारद पाए गए, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि रोस्टर के अनुसार इमरजेंसी में दो डॉक्टरों की उपस्थिति अनिवार्य है, लेकिन कोई स्थायी चिकित्सक उपलब्ध नहीं था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब मरीजों और परिजनों ने हंगामा किया, तब अलग-अलग डॉक्टरों को कुछ समय के लिए इमरजेंसी में भेजा गया। पहले डॉ. अमर कुमार कुछ देर के लिए आए और फिर चले गए। इसके बाद डॉ. संजीव लगभग 10 मिनट तक मौजूद रहे। बाद में डॉ. राव वीरेंद्र सिंह पहुंचे। अंत में एक अन्य चिकित्सक आए, जिन्होंने मीडिया को बताया कि उन्हें सिविल सर्जन के निर्देश पर भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, उक्त डॉक्टर की मूल पदस्थापना पीएचसी रामगढ़ में है।
मीडिया द्वारा लगातार पूछे जाने पर कई डॉक्टर कैमरे के सामने कुछ भी कहने से बचते रहे। इस घटना ने अस्पताल की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर होने के बावजूद इमरजेंसी जैसी महत्वपूर्ण सेवा का प्रभावित होना चिंताजनक है। मरीजों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि इमरजेंसी सेवाएं सुचारु रूप से चल सकें।
