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क्षीर धारा ग्राम योजना’ की समीक्षा बैठक में पशुपालन विकास को लेकर लिए गए अहम निर्णय तीन वर्षों में सभी ग्रामों को ‘क्षीर धारा ग्राम’ बनाने का लक्ष्य, प्रथम चरण के लिए 34 ग्राम चयनित

क्षीर धारा ग्राम योजना’ की समीक्षा बैठक में पशुपालन विकास को लेकर लिए गए अहम निर्णय तीन वर्षों में सभी ग्रामों को ‘क्षीर धारा ग्राम’ बनाने का लक्ष्य, प्रथम चरण के लिए 34 ग्राम चयनित

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – जिला कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की उपस्थिति में 18 मार्च 2026 को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’ के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विकास को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रमुख आधार मानते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। योजना के प्रभावी संचालन और समन्वय के लिए कलेक्टर श्री वशिष्ठ की अध्यक्षता में ‘जिला स्तरीय क्षीर धारा ग्राम संयुक्त समन्वय समिति’ का गठन किया गया है, जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जिला पंचायत) को उपाध्यक्ष, उप संचालक (पशुपालन एवं डेयरी विभाग) को सचिव/सदस्य तथा वनमंडल अधिकारी एवं उप संचालक (किसान कल्याण एवं कृषि विकास) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

बैठक में बताया गया कि योजना का मुख्य उद्देश्य नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार तथा पशु पोषण पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना है। प्रशासन द्वारा आगामी तीन वर्षों में जिले के सभी ग्रामों को चरणबद्ध तरीके से ‘क्षीर धारा ग्राम’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में प्रथम चरण के लिए जिले के 34 ग्रामों का चयन किया गया है, जहां कुल 14,534 गौवंशीय एवं 1,204 कार्यशील पशुओं की पहचान की गई है। इन क्षेत्रों में उच्च नस्ल के गर्भाधान, पशुओं की टैगिंग एवं टीकाकरण कार्यों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही पशुपालकों को गोबर एवं गौमूत्र के वैज्ञानिक एवं बेहतर प्रबंधन के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया गया, जिससे जैविक खाद निर्माण एवं गोवर्धन संयंत्रों के उपयोग को बढ़ावा मिल सके। बैठक में योजना के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्ययोजना और समयसीमा भी निर्धारित की गई। इसके अंतर्गत 20 मार्च 2026 से आधारभूत सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जबकि मार्च 2026 में सघन बंध्याकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा मार्च-अप्रैल 2026 के दौरान बांझपन निवारण एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रथम चरण के सभी कार्यों को पूर्ण करने के लिए 30 जून 2026 की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।

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समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा एवं सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रियंका पाठक एवं सुश्री प्रेक्षा पाठक, जनपद पंचायत सीईओ श्रीमती बंदू सूर्यवंशी सहित पशुपालन विभाग के अधिकारी तथा क्षेत्र के सभी पशु चिकित्सक उपस्थित रहे। बैठक में सभी अधिकारियों को समन्वित प्रयासों के साथ योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

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