
अनुभवी शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता अन्यायपूर्ण – तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुरना – मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, जिला पांढुर्णा ने प्रदेश सरकार से शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि वर्षों से शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर दोबारा पात्रता परीक्षा लागू करना उनके साथ अन्याय है। इस संबंध में संगठन ने समाचार पत्रों के माध्यम से मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।
जिला संरक्षक चंद्रशेखर इंगले द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि विभाग में लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों की योग्यता पर इस प्रकार प्रश्नचिह्न लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों ने वर्षों की सेवा के दौरान अपनी कार्यकुशलता और अनुभव से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है, उन्हें फिर से पात्रता परीक्षा की प्रक्रिया में शामिल करना उनके आत्मसम्मान और सेवा हितों के विपरीत है।

उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ हमेशा से शासन और प्रशासन के साथ सकारात्मक संवाद और समन्वय की भावना से कार्य करता आया है। लेकिन यदि शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को समाप्त करने के संबंध में सरकार द्वारा जल्द ही सहानुभूतिपूर्वक निर्णय नहीं लिया जाता, तो संगठन को अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे अनुभवी शिक्षक संवर्ग की भावनाओं को समझते हुए इस परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त करने के आदेश जारी करें, ताकि लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के साथ न्याय हो सके।
इस मांग के समर्थन में जिला अध्यक्ष रामगोपाल भोयर सहित शेषराव रेवतकर, शत्रुघ्न मस्तकर, सुनील येवले, ज्ञानेश्वर जिचकर, संजय डाबरे, रविंद्र कोहले, मधुकर चौधरी, राहतें सर, प्रकाश खावासकर, प्रदीप ढोबले सहित अन्य कर्मचारी पदाधिकारियों ने भी अपनी सहमति और समर्थन व्यक्त किया है।