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इस देश पर तलवार के बल पर राज किया तो कोई व्यापारी बनकर इस देश में घुस आया… हरिओम शर्मा

100 वर्षों में संपूर्ण हिंदू समाज को संगठित करना ही संघ की स्थापना का मुख्य ध्येय



रिपोर्टर: दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार।। 4 जनवरी को मनावर नगर की पांच बस्तियों में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। प्रत्येक बस्ती में बड़ी संख्या में मातृशक्ति पुरुष आदि जूटे। माधव बस्ती में हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व हिंदू जागरण के सहसंयोजक हरिओम शर्मा ने कहा कि किसी ने इस देश पर तलवार के बल पर राज किया तो कोई व्यापारी बनकर इस देश में घुस आया और अपना साम्राज्य खड़ा कर यहां राज करने लगा इन्हीं विचारों को लेकर हेडगेवार जी ने 1925 में संघ की स्थापना की और हिंदू समाज को संगठित करने का कार्य प्रारंभ किया। 100 वर्षों में संपूर्ण हिंदू समाज को संगठित करना ही संघ की स्थापना का मुख्य ध्येय था। शर्मा ने बताया कि सनातन धर्म में महिला शक्ति का सम्मान है इसलिए हम जब भी मिलते हैं तो सीताराम या राधे कृष्णा बोलते हैं अन्य किसी धर्म में ऐसी कोई भी बात नहीं है। जो समाज मूल से नहीं जुड़ा है वह पतंग की तरह टूट कर बिखर जाता है और जो मूल से जुड़ा हुआ है वह सशक्त समाज होता है, लेकिन वर्तमान परिवेश में हमारी मूल संस्कृति को छोड़कर पश्चात संस्कृति कोअपनाना अच्छी बात नहीं है। शर्मा ने आगे कहा कि हमारी पीढ़ी किस्मत वाली है जिसने कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनते हुए देखा। धारा 370 हटाई गई। हमने बाबरी ढांचे को टूटतेे हुए और राम मंदिर को बनते हुए तथा वहां पर रामलाल को विराजित होते हुए देखा। आपने हिंदू की परिभाषा को परिभाषित करते हुए कहा हिंदू वही है जो भारत भूमि को अपनी मां मानता है मंत्र पूजा करने और तिलक लगाने से हम हिंदू नहीं हो जाते हैं। कार्यक्रम को डॉ पूजा रावत ने भी संबोधित किया मंच पर त्यागी संत राम सेवक दास भी उपस्थित थे। इसी प्रकार शिवाजी बस्ती में वक्ता शालिनी शर्मा मुकेश शर्मा तथा संत भरत दास जी उपस्थित रहे। गायत्री बस्ती में नम्रता जौहरी एवं अभिषेक गुप्ता मुख्य वक्ता थे तथा संत गोपाल पुरी उपस्थित रहे। वाल्मीकि बस्ती में मुख्य वक्ता खुशबू शर्मा निर्मल आनंदीलाल मंचा सिंन रहे। शिवाजी बस्ती में मुख्य वक्ता पुष्पा भंडारी निखिल साधव उपस्थित रहे। पांचों बस्तियों में एक ही समय भोजन प्रारंभ किया गया तथा 15000 से अधिक हिंदू धर्मावलंबियों ने समरसता भोजन किया।

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