

रिपोर्टर राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत
सुमेरपुर (हमीरपुर)।बुंदेलखंड आपदा मित्र सम्मेलन का आयोजन सुमेरपुर स्थित शर्मा गेस्ट हाउस में किया गया, जहां आपदा मित्र संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आपदा मित्रों का वर्षों से शोषण किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आपदा मित्रों को न तो कोई मासिक मानदेय दिया जाता है और न ही आज तक किसी प्रकार का प्रोत्साहन या पुरस्कार मिला है।
प्रदीप कुमार ने कहा कि आपदा मित्रों को केवल बाढ़, आगजनी, सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) जैसे संकट के समय ही याद किया जाता है, जबकि सामान्य दिनों में उनकी कोई सुध नहीं ली जाती। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि देशभर में आपदा मित्रों की मदद से लगभग 78,000 लोगों की जान बचाई गई, जिससे सरकार को लाखों-करोड़ों रुपये की बचत हुई है। इसके बावजूद यदि एक आपदा मित्र को मात्र 25 से 26 हजार रुपये मासिक मानदेय भी दिया जाए, तो सरकार यह जिम्मेदारी निभाने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहे किसी भी दल की रही हो—बीजेपी, सपा, कांग्रेस या बसपा—किसी ने भी आपदा मित्रों को अपना “मित्र” नहीं समझा। आपदा आने पर जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू करना पड़ता है, लेकिन बदले में न सम्मान मिलता है और न ही आर्थिक सुरक्षा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि “पहले वेतन की गारंटी होगी, उसके बाद ही काम की गारंटी दी जाएगी”। यह लड़ाई अब आर-पार की होगी और सरकार को आपदा मित्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना होगा।
सम्मेलन में ये रहे मुख्य रूप से उपस्थित
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदीप कुमार (राष्ट्रीय अध्यक्ष, आपदा मित्र) मौजूद रहे। उनके साथ
विवेक मणि त्रिपाठी (प्रदेश उपाध्यक्ष)
प्रवीण कुमार पटेल (प्रदेश सचिव)
महेंद्र कुमार (जिला अध्यक्ष, महोबा)
शिवदास जी (जिला उपाध्यक्ष, हमीरपुर)
ऋषभदेव यादव (जिला अध्यक्ष, हमीरपुर)
रोहित कुमार (जिला सचिव)
पूनम जी (जिला कोषाध्यक्ष)
रीना जी (आपदा सखी)
सहित गौरव सोनकर, मुकेश कुमार, अशोक कुमार, अरविंद कुमार, धीरेंद्र तिवारी, नारायण दास, करणपाल, रोहित कुमार, शैलेंद्र कुमार, भूपत कुमार, रवि कुमार, विपिन कुमार राय, प्रकाश, सत्येंद्र कुमार, कृष्ण गोपाल, वीरू कुमार सहित बड़ी संख्या में आपदा मित्र उपस्थित रहे।