
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर राजकीय संग्रहालय, अजमेर में आयोजित प्रदर्शनी में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भावुक हो गए। उन्होंने विभाजन के दौरान हुए अत्याचारों और विस्थापन की पीड़ा को याद किया।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर राजकीय संग्रहालय, अजमेर में प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में विभाजन के दौरान हुए अत्याचारों और जिजीविषा को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया।
सभा को संबोधित करते हुए वासुदेव देवनानी ने कहा कि विभाजन भौगोलिक भाग पर नहीं होकर संस्कृति और सामाजिक आत्मा का हुआ था। उन्होंने कहा कि अपने इतिहास को भूलने वाली संस्कृति नष्ट हो जाती है, इसलिए नई पीढ़ी को विभाजन की पीड़ा के बारे में बताना आवश्यक है।
वासुदेव देवनानी ने बताया कि राजकीय संग्रहालय में भारत विभाजन गैलरी का निर्माण किया जाएगा। इससे आगंतुकों को उस समय हुए अत्याचारों की जानकारी मिलेगी। संग्रहालय के लिए राज्य सरकार ने 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
वासुदेव देवनानी ने सिंधी समाज के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विभाजन के बाद शून्य से शुरुआत की और आज देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज ने सनातन की रक्षा के लिए सदैव काम किया है।
कार्यक्रम में विभाजन की विभीषिका के गवाह रहे व्यक्तियों का सम्मान किया गया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को पृथ्वीराज फाउंडेशन की ओर से तारागढ़ व आनासागर को दर्शाते हुए फोटो भेंट किया गया।