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सिकल सेल एनिमिया उन्मूलन के लिए प्रो. मनीषा शुक्ला ने निभाई महती भूमिका

यंग साइंटिस्ट अवार्ड से हो चुकी है सम्मानित

 

खुशियों_की_दास्तां

✍️✍️✍️✍️✍️जियाउद्दीन अंसारी अखंड भारत लाइव न्यूज़

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*शहडोल* सिकल सेल एनिमिया एक अनुवांशिकी बीमारी है इसकी रोकथाम के लिए केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है और सिकल सेल एनिमिया उन्मूलन के लिए उत्कृष्ट कार्य वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी कर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सिकल सेल एनिमिया की निःशुल्क जांच कराई जाती है।
सिकल सेल एनिमिया को जड़ से खत्म करने के लिए स्कूली छात्र-छात्राएं, महिलाएं, समाजसेवी व अन्य लोगों द्वारा जन जागरूकता अभियान चलाकर सिकल सेल एनिमिया के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
संभागीय मुख्यालय शहडोल के पं. शंभूनाथ विश्व विद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर पदस्थ डॉ. मनीषा शुक्ला ने सिकल सेल एनिमिया के प्रति लोगो को जागरूक करने तथा शोध के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। प्रो. मनीषा शुक्ला ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया में रिसर्च किया है यहां पर मेरा काम टीचिंग एवं रिसर्च का है शहडोल रीजन में सिकल सेल एनीमिया जेनेटिक डिसीज संबंधी समस्याएं बहुतायत में है। विगत ढाई साल से मैं लगातार इस क्षेत्र में काम कर रही हूं। अब तक किये गए शोध कार्यों को मैंने एमपी सीएसटी यंग साइंटिस्ट अवार्ड में प्रस्तुत किया। जहां मेरे शोध को सराहा गया तथा मुझे प्रथम यंग साइंटिस्ट अवार्ड मिला जिसमें मुझे 25 हजार नगद तथा सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।
इस बीमारी में सबसे ज्यादा समस्या महिलाओं को और उनके बच्चो को होती है, उनको पता भी नहीं चल पाता है। जन सामान्य को विशेषकर सिकल सेल पीड़ित लोगों को शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी का अभाव रहता है। मैंने सरकार की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी आम जन तक पहुंचाने का कार्य किया। इस दौरान मैंने बहुत सारी केस स्टडी लिखी, उन बच्चों से मिली और उनके बारे में जाना कि वे सिकल सेल एनिमिया से पीड़ित होने पर कौन-कौन सी परेशानियों से गुजरते हैं और उस चीज को मैंने अपने काम में दिखाया साथ में पैथोलॉजिकल स्टडी भी की।

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