
प्लास्टिक बैग को बंद कर कपड़े के थैली का प्रयोग करें-शिवानी जैन एडवोकेट
आंल ह्यूमन सेव एंड फॉरेंसिक फाउंडेशन डिस्टिक वूमेन चीफ शिवानी जैन एडवोकेट ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण प्लास्टिक के कारण पर्यावरण में होने वाला प्रदूषण है। भले ही प्लास्टिक बहुत उपयोगी है, लेकिन यह पर्यावरण को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। पिछले कुछ वर्षों में, प्लास्टिक हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। प्लास्टिक के उपयोग के बिना रहना असंभव है। प्लास्टिक के उपयोग के बाद इसे कूड़े में फेंक दिया जाता है।
थिंक मानवाधिकार संगठन की एडवाइजरी बोर्ड मेंबर डॉ कंचन जैन ने कहा कि प्लास्टिक हम मनुष्यों और हमारे पर्यावरण के लिए बहुत हानिकारक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भारत में प्लास्टिक की थैलियों पर रोक लगा दी है जिससे पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। इससे मनुष्यों और जानवरों दोनों को बहुत नुकसान हो रहा है।
मां सरस्वती शिक्षा समिति के प्रबंधक डॉ एच सी विपिन कुमार जैन, संरक्षक डॉक्टर आरके शर्मा, आलोक मित्तल एडवोकेट ,ज्ञानेंद्र चौधरी एडवोकेट,निदेशक डॉक्टर नरेंद्र चौधरी, शार्क फाउंडेशन की तहसील प्रभारी डॉ एच सी अंजू लता जैन, बीना एडवोकेट, मीरा एडवोकेटआदि ने कहा कि कोई भी वस्तु या सामान खरीदने के लिए कपड़े के थैले का प्रयोग करें। यह प्लास्टिक के बैग से
बेहतर होगा।
उन्होंने कहा किप्लास्टिक जलाने से मनुष्यों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। श्वसन संबंधी समस्याएं, त्वचा की एलर्जी, फेफड़ों के विकार और कैंसर इसके कारण होने वाली कुछ बीमारियाँ हैं।
प्लास्टिक खाने से लगभग 1लाख पशु पक्षी मारे जाते हैं। इसलिए प्लास्टिक का उपयोग बंद कर देना चाहिए।
शिवानी जैन एडवोकेट
- डिस्ट्रिक्ट
वूमेन चीफ
वूमेन चीफ