
*जर्जर छात्रावास, शराबी शिक्षक और एफआईआर में लापरवाही का मुद्दा उठा*

*नर्मदापुरम।* जिला कलेक्टर कार्यालय में *अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण एवं जिला स्तरीय सतर्कता, सलाहकार एवं निगरानी समिति* की बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता *जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा* ने की। इसमें *पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस. थोटा, जनजातीय कार्य विभाग आयुक्त विवेक नागवंशी* सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में समिति सदस्य *सुशील बरखड़े, अतुल भण्डारी, देवेन्द्र परिहार* और *जिला सदस्य एवं भाजपा जिला महामंत्री मुकेश चंद्र मैना* ने प्रमुख मुद्दे उठाए।
*बैठक में उठे प्रमुख मुद्दे**1. एफआईआर के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई* महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े एससी-एसटी उत्पीड़न एवं भेदभाव के एक मामले में आरोपी अधिकारी पर एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में *राष्ट्रीय महिला आयोग, नई दिल्ली* ने 16 मार्च 2026 को संज्ञान लिया था। साथ ही *राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग* के माध्यम से जिला कलेक्टर से दो बार जवाब मांगा गया, लेकिन अब तक जवाब प्रेषित नहीं किया गया। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तुरंत भेजने के निर्देश दिए।
*2. जर्जर छात्रावास को लेकर चिंता* इटारसी स्थित शासकीय कन्या विद्यालय के पास अजा-अजजा छात्रावास की बिल्डिंग जर्जर अवस्था में है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा खतरे में है। बैठक में मांग की गई कि छात्राओं को तत्काल एफसीआई सूरजगंज के पास खाली पड़ी 2 छात्रावास बिल्डिंग में स्थानांतरित किया जाए। इसके साथ ही नजूल की रिक्त भूमि पर अधिकारी दल भेजकर मौका निरीक्षण कराकर नवीन छात्रावास भवन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
*3. शराबी शिक्षक पर कार्रवाई की मांग* ग्राम केसला के पास विस्थापित ग्राम रतिबंदर के शिक्षक *गोपाल गिरी* पर शराब के नशे में आदिवासी छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट का आरोप लगा। मामले में पास्को एक्ट एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत थाने में प्रकरण दर्ज कराया गया है। समिति ने इस घोर आपराधिक कृत्य को देखते हुए शिक्षक की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की मांग की।
*कलेक्टर ने दिए निर्देश*जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और संबंधित विभागों को लंबित प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई, छात्रावासों के स्थानांतरण और नवीन भवन के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी अत्याचार के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में समिति सदस्यों ने शासन की मंशा के अनुरूप पीड़ितों को समय पर न्याय और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।