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मौसम हुआ सुहावना, खेतों में बढ़ी नमी

डेढ़ घंटे की झमाझम बारिश से किसानों के खिले चेहरे, खरीफ फसलों को मिला नया जीवन…

कई निचले इलाकों में जलभराव, दो घंटे बिजली रही गुल..

रिपोर्टर : दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार।। गुरुवार दोपहर नगर सहित आसपास के क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज गर्जना के साथ करीब डेढ़ घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। लंबे इंतजार के बाद हुई इस अच्छी बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई है। बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी होने से सोयाबीन, कपास, मक्का और मूंगफली सहित खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की संभावना है।

24 जून को मानसून की दस्तक के बावजूद क्षेत्र में वर्षा का वितरण असमान रहा था, जिससे कई गांवों में पर्याप्त बारिश नहीं हो सकी थी। ऐसे में कई किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। जिन किसानों ने शुरुआती बारिश के भरोसे बुवाई कर दी थी, उनके लिए भी यह वर्षा राहत लेकर आई है। खेतों में नमी बढ़ने से फसलों के बेहतर अंकुरण और तेज बढ़वार की उम्मीद है। बारिश के बाद कृषि कार्यों में भी तेजी दिखाई देने लगी है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में इसी तरह संतुलित वर्षा होती रही तो इस वर्ष खरीफ सीजन बेहतर रहने की पूरी संभावना है।

बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं नगर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। गांधी चौपाटी क्षेत्र की दुकानों में पानी घुस गया, जबकि एक इलेक्ट्रिक बाइक शोरूम में भी पानी पहुंचने से वाहनों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

तेज बारिश के दौरान विद्युत आपूर्ति में फॉल्ट आने से करीब दो घंटे तक बिजली बंद रही। कई स्थानों पर नालियों का पानी सड़कों पर बहने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद लोगों ने बारिश का भरपूर आनंद लिया। बाजारों में छाते और रेनकोट के साथ लोगों की चहल-पहल बनी रही, जबकि बच्चों और युवाओं ने भी बारिश का जमकर लुत्फ उठाया।

किसानों का कहना है कि इस सीजन की यह दूसरी प्रभावी बारिश है, जिससे खरीफ फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। हालांकि क्षेत्र में अभी भी अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई है। वहां कई खेतों में बुवाई का कार्य अभी बाकी है और किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में नियमित वर्षा होती रही तो पूरे क्षेत्र में खरीफ सीजन बेहतर रहने की उम्मीद है।

नगर के वार्ड क्रमांक 14 में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र तक पहुंचने वाला मार्ग भी बदहाल स्थिति में है। बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ और पानी भर जाने से छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना इसी रास्ते से होकर आना-जाना पड़ रहा है। इससे बच्चों के गिरने, चोट लगने और बीमार होने का खतरा बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर के प्रमुख इलाकों में सीमेंट-कंक्रीट की सड़कें बनाई जा रही हैं, जबकि आदिवासी बहुल वार्डों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनका सवाल है कि आखिर इन मासूम बच्चों की परेशानी का जिम्मेदार कौन है?

क्षेत्रवासियों के अनुसार यह मार्ग जुनी मनावर से देवला तक जाने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है। सड़क की बदहाल स्थिति और जलभराव के कारण राहगीरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों की मांग…. स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका अध्यक्ष, संबंधित पार्षद एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से मांग की है कि मुख्य बाजार, नगर के गली मोहल्लों, कालोनियों, निचली बस्तियों तथा प्रमुख मार्गों की नालियों की साफ सफाई, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था तथा सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि बरसात के दौरान नागरिकों और स्कूली एवं आंगनवाड़ी बच्चों को राहत मिल सके।

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