
खरगोन। जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ग्राम डुडगांव में हुए अंधे कत्ल के मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक की हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उसके अपने सगे भतीजे ने अपनी महिला मित्र के साथ मिलकर की थी।
क्या है पूरा मामला?
बीते दिनों ग्राम डुडगांव के एक खेत में युवक ओमप्रकाश का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआत में मामला संदिग्ध लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने स्थिति साफ कर दी—ओमप्रकाश की गला दबाकर हत्या की गई थी।
10 दिनों की सघन जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य
एसपी खरगोन के निर्देशन में पुलिस टीम ने 10 दिनों तक लगातार इस गुत्थी को सुलझाने के लिए मेहनत की। इस दौरान:
एफएसएल (FSL) और साइबर सेल की मदद ली गई।
डॉग स्क्वाड के जरिए अहम सुराग जुटाए गए।
बारीकी से किए गए तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस का शक मृतक के भतीजे रोहित पर गहराया।
हत्या की वजह: आए दिन का विवाद
पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। बताया जा रहा है कि मृतक ओमप्रकाश आए दिन अपने भतीजे रोहित और उसकी महिला मित्र सरोज को परेशान करता था। गाली-गलौज और सामाजिक बदनामी से तंग आकर दोनों ने मिलकर ओमप्रकाश को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
साजिश और गिरफ्तारी
घटना के दिन आरोपियों ने घर में ही ओमप्रकाश की गला दबाकर हत्या कर दी। पकड़े जाने के डर से दो दिनों तक शव को घर में ही छिपाकर रखा गया। जब शव से दुर्गंध आने लगी, तो साक्ष्य छुपाने की नीयत से उसे पास के एक खेत में फेंक दिया।
खरगोन पुलिस की मुस्तैदी और तकनीकी जांच के आगे आरोपियों की चालाकी काम नहीं आई और दोनों अब सलाखों के पीछे हैं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है।

