
किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस का धरना: विधायक विजय चौरे के नेतृत्व में सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
सौसर। किसानों की समस्याओं एवं क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दों को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सौसर एवं कांग्रेस के विभिन्न आनुषांगिक संगठनों द्वारा तहसील कार्यालय सौसर के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सौसर विधायक विजय चौरे के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को महामहिम राज्यपाल के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की गई।
धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने किसानों, श्रमिकों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीर बताते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई।

ज्ञापन की प्रमुख मांगें
ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें शामिल रहीं—
गेहूं, चना, मक्का, मूंग सहित सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर तत्काल खरीदी सुनिश्चित की जाए।
सेवा सहकारी समितियों में ऋण वितरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए एवं अनावश्यक दस्तावेजों की बाध्यता समाप्त की जाए।

मध्यप्रदेश की भूमि होने के बावजूद महाराष्ट्र में निवासरत किसानों के लिए समग्र आईडी की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
ऋण स्वीकृति में 10% शेयर राशि की कटौती बंद की जाए।
सहकारी समितियों में खाद का पर्याप्त भंडारण हो एवं ई-टोकन व्यवस्था समाप्त की जाए।
अघोषित बिजली कटौती बंद कर किसानों को प्रतिदिन कम से कम 10 घंटे निर्बाध बिजली दी जाए।
सौसर के सांदीपनि विद्यालय में सीटों की संख्या बढ़ाई जाए।
एचपी गैस की सुचारू आपूर्ति हेतु स्थायी कार्यालय एवं वितरण केंद्र खोला जाए।

खैरी तायगांव–बोरगांव औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण पर रोक लगाकर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं तथा श्रमिकों को निर्धारित मजदूरी व 8 घंटे कार्य सुनिश्चित हो।
जनपद पंचायत में अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच एवं क्षेत्र में अवैध गतिविधियों (जुआ, सट्टा, अवैध शराब, चोरी) पर सख्त कार्रवाई की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उक्त समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सौसर एवं सभी सहयोगी संगठन उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के समस्त पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।