

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा हमीरपुर। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना इस समय दुनिया की सबसे बडी आईडी पासपोर्ट बनवाने से भी मुश्किल हो गया है जिसका मुख्य कारण उपजिलाधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों का समय से काम नहीं करना है जिसके कारण हजारों फाईलें महीनों से अलमारियों की शोभा बढा रही हैं।
कर्मचारियों की उदासीनता के चलते लोगों का धन, समय और श्रम हो रहा बर्बाद
मौदहा तहसील स्थित उपजिलाधिकारी न्यायलय द्वारा बीते दो साल से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं और प्रमाण पत्र के लिए सम्बंधित दस्तावेज और शुल्क चालान द्वारा जमा करने के बाद फाईल को उपजिलाधिकारी कार्यालय में जमा किया जाता है जिसके बाद से फाइल सम्बंधित निकाय या पंचायत को आख्या के लिए भेजी जाती है इतना ही नहीं आख्या लगने के बाद फाईल में जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में लगे दस्तावेज की मूल प्रति लेकर छायाप्रति सत्यापन के लिए सम्बंधित विभाग को भेजी जाती है और वहां से सत्यापन होकर आख्या आने के बाद प्रमाण पत्र निर्गत करने का प्रावधान है। लेकिन उपजिलाधिकारी मौदहा के अधीनस्थ कर्मचारियों की उदासीनता के चलते आमजन परेशान हैं और चार चार पांच पांच महीनों से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं जबकि कर्मचारियों द्वारा उनकी फाईल की स्थिति बताने के बजाय उनसे संतोष जनक व्यवहार भी नहीं कर रहे हैं। और उन्हें दो बजे के बाद आने की बात कहकर टहला देते हैं जबकि कोई बहुत परेशान होकर दो बजे के बाद भी इंतजार करता है तो भी उनकी फाइल की स्थिति देखने को नहीं मिल रही है जबकि फाइल में लगे मूल दस्तावेज भी गुम होने की संभावना बढती जा रही है। बताते चलें कि उपजिलाधिकारी के पेशकार पर अधिवक्ताओं ने अभद्रता का आरोप लगाया था जिसको लेकर अधिवक्ता लगतार प्रदर्शन कर रहे हैं ऐसे में अधिवक्ताओं की मांग भी सही लगती है।