

औपचारिकता बनकर रह गया ग्राम विकास समितियों का प्रशिक्षण, जमीनी असर पर उठे सवाल
कटनी/बहोरीबंद
कटनी। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तहत बहोरीबंद क्षेत्र में ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों का क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, सूत्रों से लगी जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम वास्तविक परिणामों के बजाय महज औपचारिकता तक सीमित नजर आया।
ग्राम पंचायत सभागार पथराडी पिपरिया में आयोजित इस प्रशिक्षण में जहां एक ओर अधिकारियों और अतिथियों के स्वागत-सत्कार पर विशेष जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं और उनके समाधान पर ठोस चर्चा का अभाव देखने को मिला।
प्रशिक्षण में समग्र ग्राम विकास, दस्तावेजीकरण और एनजीओ गठन जैसे विषयों पर बातें जरूर की गईं, लेकिन इन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर कोई स्पष्ट रणनीति सामने नहीं आई। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षण पहले भी आयोजित होते रहे हैं, लेकिन उनका गांव के विकास पर खास असर नहीं दिखा।
कार्यक्रम के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक, नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर जागरूकता की बातें की गईं, लेकिन इन अभियानों की वास्तविक स्थिति और पालन सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा नहीं हुई।
कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने की सलाह दी गई, परंतु किसानों को इन योजनाओं तक पहुंचाने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी नहीं दी गई।
स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि समितियों के दस्तावेजीकरण और बैठकों तक ही गतिविधियां सीमित रह जाती हैं, जबकि गांव की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित कर औपचारिक समापन कर दिया गया, लेकिन इस तरह के आयोजनों की प्रभावशीलता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।