

रिपोर्टर:दिलीप कुमरावत MobNo:9179977597
मनावर। जिला धार।। गुरु का दिया पैसा काम का नहीं मगर गुरु के द्वारा दी गई प्रेरणा को अगर सहज कर रखा जाए तो बेड़ा पार हो जाता है। उक्त उदगार ग्राम वायल में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक पंडित प्रवीण शर्मा राधे भैया ने व्यासपीठ से व्यक्त करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में जाने अनजाने प्रतिदिन कई पाप होते है। उनका ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना ही एक मात्र मुक्ति पाने का उपाय है। उन्होंने ईश्वर आराधना के साथ अच्छे कर्म का आव्हान करते हुए ध्रुव चरित्र, भक्त प्रह्लाद चरित्र और नरसिह अवतार प्रसंग पर कथा सुनाई। 
कथा वाचक पंडित प्रवीण शर्मा राधे भैया ने व्यासपीठ से उपस्थित श्रद्धालुओं से जीवन में सत्संग व शास्त्रों में बताए आदर्शों को श्रवण करने का आह्वान करते हुए कहा कि सत्संग में वह शक्ति है, जो व्यक्ति के जीवन को बदल देती है। उन्होंने कहा कि व्यक्तियों को अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, संग्रह आदि का त्यागकर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। भागवत कथा के दौरान कपिल चरित्र, सती चरित्र, धु्रव चरित्र, जड़ भरत चरित्र, नृसिंह अवतार आदि प्रसंगों पर प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान के नाम मात्र से ही व्यक्ति भवसागर से पार उतर जाता है। उन्होंने भगवत कीर्तन करने, ज्ञानी पुरुषों के साथ सत्संग कर ज्ञान प्राप्त करने व अपने जीवन को सार्थक करने का आह्वान किया। संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में व्यासपीठ से सुमधुर भजन प्रस्तुत किए गए भजनों पर श्रोता भाव विभोर होकर नाचने लगे। उपस्थित भक्तों गणमान्यजनों ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना। कथा पश्चात उपस्थित गणमान्य जनों का व्यासपीठ से सम्मान किया गया। कथा के चौथे दिन 23 मार्च सोमवार को कथा पंडाल में श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव भव्य रूप में मनाया जाएगा।