

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर (मौदहा)।विकासखंड मौदहा की ग्राम पंचायत खैर में मनरेगा कार्यों की ऑनलाइन हाजिरी (NMMS ऐप) में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। 19 फरवरी 2026 को अपलोड की गई उपस्थिति में एक ही कार्य कोड पर अलग-अलग मस्टर रोल नंबर (10637 से 10643 तक) दर्ज किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक में 10-10 मजदूरों की उपस्थिति दिखाई गई है।
दस्तावेजों के अनुसार सभी मस्टर में “सेकंड फोटो नॉट अपलोडेड” दर्शाया गया है, जबकि नियम के अनुसार कार्यस्थल से दो टाइम स्टैम्प फोटो अपलोड होना अनिवार्य है। इससे हाजिरी की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अपलोड की गई तस्वीरों में समय अंतराल बहुत कम है और लगभग एक ही स्थान के जियो-कोऑर्डिनेट्स दर्ज हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि एक ही समूह की फोटो के आधार पर अलग-अलग मस्टर रोल में उपस्थिति दर्ज की गई हो सकती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे मामले में एपीओ (APO), ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की भूमिका संदिग्ध है। उनका कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष हो तो बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि NMMS ऐप का उद्देश्य पारदर्शिता लाना है, लेकिन यदि दूसरी फोटो अपलोड ही नहीं की गई तो यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। यदि उच्चस्तरीय जांच बैठाई गई तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई संभव है।
मांग:
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच कराते हुए दोषियों—एपीओ, प्रधान व सचिव—पर कठोर कार्रवाई की मांग की