
*भारत की अब तक की सबसे बड़ी #डिजिटल_जनगणना_2027 के सफल आयोजन के लिए जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक संपन्न*
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
*कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में तैयारियों की विस्तृत समीक्षा, स्वयं गणना एवं डिजिटल प्रक्रिया पर विशेष जोर*
पांढुरना – आगामी जनगणना 2027 के सुचारू, प्रभावी एवं समयबद्ध संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में जिला जनगणना समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक, तकनीकी एवं व्यवस्थागत बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने कहा कि आगामी जनगणना भारत की अब तक की दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य निर्धारित समय-सीमा में, बिना किसी दबाव के तथा पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपादित किया जाए। उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान यदि किसी प्रकार की तकनीकी अथवा अन्य समस्या उत्पन्न होती है तो उसका त्वरित समाधान डीआईएनआईसी (DINIC) के माध्यम से किया जा सकेगा।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने यह भी जानकारी दी कि जनगणना कार्य (Self-Enumeration) स्वयं गणना के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर नागरिक स्वयं अपना फॉर्म भर सकेंगे। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुगम एवं तकनीक आधारित होगी।

नेटवर्क की अनुपलब्धता वाले क्षेत्रों में ऑफलाइन मोड में जनगणना की जाएगी तथा नेटवर्क उपलब्ध होने पर डाटा को ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा। जनगणना की समस्त जानकारी जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि पांढुर्णा जिले की 2 तहसील, 5 नगर एवं कुल 311 ग्रामों में 147 पर्यवेक्षक एवं 863 प्रगणकों की तैनाती की जाएगी। मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिनांक 26 दिसंबर 2025 को जनगणना से संबंधित पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है।
जनगणना का कार्य दो चरणों में संपन्न किया जाएगा प्रथम चरण 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक, द्वितीय चरण 1 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक संपन्न होगा।
प्रशासनिक सीमाओं के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी दो गांवों की सीमा आपस में नहीं मिलेगी। वीरान (निर्जन) गांव को एक स्वतंत्र ब्लॉक माना जाएगा। जनगणना 2011 के अनुसार एक वार्ड को एक ब्लॉक के रूप में रखा जाएगा। जिस भवन की जनगणना की जाएगी, उस भवन पर जनगणना का सीरियल नंबर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाएगा।
मानव संसाधन के संबंध में स्पष्ट किया गया कि जनगणना कार्य में केवल नियमित कर्मचारी ही सम्मिलित किए जाएंगे। अस्थायी रूप से विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को जनगणना कार्य में शामिल नहीं किया जाएगा।
जिले के पांच नगरीय निकायों की जनगणना संबंधी जिम्मेदारी जिला शहरी विकास अभिकरण पांढुर्णा को सौंपी गई है। जनगणना कार्य में संलग्न कर्मचारियों को मानदेय के रूप में प्रथम चरण में ₹9,000, द्वितीय चरण में ₹16,000 तथा कुल मिलाकर ₹25,000 का भुगतान किया जाएगा।
उक्त समस्त जानकारी दिनांक 19 फरवरी 2026 को आयोजित जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक में जनगणना निदेशालय भोपाल से जनगणना जिला प्रभारी श्री कैलाशचन्द्र साहू, जिला पांढुर्णा द्वारा प्रस्तुत की गई।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ जनगणना कार्य को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न कराएं।
बैठक में अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी श्री नीलमणि अग्निहोत्री, परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण पांढुर्णा श्री राजकुमार ईवनाती, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री राजहंस गोंडाने, जिला सांख्यिकी अधिकारी श्री यशवंत वैद्य, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री एच.बी. हाण्डे, सहायक ई-गवर्नेंस मैनेजर श्रीमती टीना कडवे एवं जनगणना संबंधी कर्मचारी उपस्थित रहे।
