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हमीरपुर :मनरेगा में हाजिरी का खेल! एक ही दिन, एक ही स्थान, अलग-अलग मस्टर—दूसरी फोटो गायब, सिस्टम पर सवाल

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट

मौदहा (हमीरपुर)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत मौदहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत खैर में 17 फरवरी 2026 को दर्ज ऑनलाइन हाजिरी रिकॉर्ड ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एनएमएमएस ऐप के माध्यम से अपलोड की गई समूह फोटो और मस्टर रोल के विवरण में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनसे मनरेगा कार्यों में संभावित अनियमितताओं की आशंका गहरा गई है।

रिकॉर्ड के अनुसार अलग-अलग मस्टर नंबर (जैसे 10639, 10641, 10642, 10643, 10644, 10645) पर एक ही दिन, लगभग एक ही समय और लगभग समान जियो-कोऑर्डिनेट्स पर हाजिरी दर्ज की गई है। अधिकांश प्रविष्टियों में “Second Photo is not uploaded” दर्शाया गया है, जबकि नियमों के तहत दो टाइम-स्टैम्प फोटो अनिवार्य हैं।

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अपलोडेड फोटो में भी एक ही समूह के श्रमिक अलग-अलग मस्टर में दिखाई देने की बात सामने आ रही है। टाइमस्टैम्प दोपहर 1:26 से 1:47 बजे के बीच का है और अपलोड समय लगभग 4:15 से 4:16 बजे के आसपास दर्शाया गया है। जियो-कोऑर्डिनेट्स में भी मामूली अंतर है, जिससे एक ही स्थान पर अलग-अलग मस्टर चलने की आशंका मजबूत होती है।

उठते सवाल:

क्या एक ही स्थान पर एक ही समय में कई मस्टर रोल चलाए गए?

क्या बिना दूसरी फोटो के हाजिरी मान्य है?

क्या एक ही श्रमिक का नाम अलग-अलग मस्टर में दर्ज हुआ?

क्या मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति की जगह कागजी खानापूर्ति की गई?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि एक ही दिन में इतने मस्टर और एक जैसी फोटो अपलोड हुई हैं, तो यह श्रम-दिवस बढ़ाकर भुगतान निकालने की कोशिश हो सकती है। मनरेगा का उद्देश्य गरीब मजदूरों को रोजगार देना है, लेकिन यदि हाजिरी और फोटो अपलोडिंग में गड़बड़ी हुई है तो यह सीधे-सीधे सरकारी धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आएगा।

मांग उठी जांच की:

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित तकनीकी सहायक/मेट की भूमिका की जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, एनएमएमएस ऐप के डेटा की तकनीकी ऑडिट कर यह स्पष्ट करने की भी मांग की गई है कि क्या सिस्टम का दुरुपयोग हुआ है।

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। यदि जांच में अनियमितता सिद्ध होती है, तो यह मौदहा ब्लॉक में मनरेगा के क्रियान्वयन पर बड़ा प्रश्नचिह्न

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