
हाई विस्फोटक ब्लास्टिंग से पांढुर्णा-बैतूल सीमावर्ती क्षेत्र में दहशत, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। पांढुर्णा जिले के दस से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने बैतूल जिले के प्रभात पट्टन तहसील अंतर्गत ग्राम घाटबिरोली में स्थित इम्प्लोक्लेड टेक्नोलॉजिस प्रायवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा लगातार किए जा रहे हाई विस्फोटक बारूदी ब्लास्टिंग पर रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने पांढुर्णा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों ने बताया कि पांढुर्णा जिले के पीपलपानी, बोरगांव, चाटवा, देवनाला, सातभाई ढाना, खेड़ी, राखीढाना, मोही सहित अन्य गांव बैतूल जिले की सीमा से लगे हुए हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित उक्त कंपनी द्वारा भारी मात्रा में विस्फोटक उपयोग कर लगातार ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे क्षेत्र का जनजीवन और पर्यावरण प्रभावित हो रहा है।

कंपन से कुएं धंसे, भवनों में आई दरारें
ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार तेज धमाकों और कंपन के कारण कई किसानों के कुएं धंस गए हैं तथा जलस्तर नीचे चला गया है। इसके साथ ही गांवों में घरों की दीवारों, स्कूल भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों, जलाशयों की दीवारों और पानी की टंकियों में दरारें आ गई हैं। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि ब्लास्टिंग के कारण बिजली के खंभे गिरने जैसी दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं।
ध्वनि और वायु प्रदूषण बढ़ा, जंगल-पहाड़ों को नुकसान
ग्रामीणों ने कहा कि ब्लास्टिंग से ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इससे आसपास के जंगलों, पहाड़ों, पशु-पक्षियों और वन्य जीवों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। विस्फोटों के कारण क्षेत्र में जान-माल की हानि की स्थिति बनी हुई है, जिससे ग्रामीण भय और दहशत में हैं।
विस्फोटक वेल्डिंग प्रक्रिया का उपयोग
ज्ञापन में बताया गया कि कंपनी द्वारा एक विशेष तकनीक के तहत विस्फोटक वेल्डिंग प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिसमें दो अलग-अलग धातुओं को हाई विस्फोटक ऊर्जा के माध्यम से जोड़ने का कार्य किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत बार-बार विस्फोट किए जा रहे हैं, जो सीमावर्ती गांवों के लिए गंभीर संकट बन गया है।
सर्वे कराकर नुकसान की भरपाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कंपनी की ब्लास्टिंग गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा किसानों की खेती भूमि, कुएं, सरकारी भवनों व अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर संबंधितों को उचित आर्थिक मुआवजा दिलाया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।