

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ़ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर।शहर के चौरा देवी प्रांगण में आयोजित शिव कथा के साथ कंबल वाले बाबा ने शिविर लगाकर रोगियों का उपचार किया। इस दौरान लकवा, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी आदि बीमारी से ग्रसित रोगी ने भारी संख्या में पहुंच उपचार का लाभ लिया और शिवकथा का आनंद लिया।
सिद्धेश्वर महादेव धाम झलोखर के तत्वावधान में माँ चौरा देवी प्रांगण पर महाकुंभ के अंतर्गत रसिक इंटरनेशनल सांस्कृतिक मंडल बुंदेलखंड के निर्देशन में बुंदेलखंड की लोकप्रिय कथा व्यास अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक तेजस्विनी महाराज ने गुरुवार को शिव कथा का वर्णन किया जिसे सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।इस दौरान गुजरात की धरती से विराजमान काले कंबल वाले बाबा का दिव्य दरबार भी चौरा देवी प्रांगण में सजाया गया। जिसमें सैकड़ो की संख्या में लकवा, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी सहित अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों का कंबल वाले बाबा ने उपचार किया। इस मौके पर कंबल वाले बाबा ने मीडिया के सामने लकवा जैसी बीमारी से ग्रसित कई बच्चों और बुजुर्गों को चलाकर दिखाया।गुजरात के निवासी कंबल वाले बाबा गणेश यादव ने बताया कि जब वे चार साल के थे, उनकी मां ने उन्हें यह कंबल आशीर्वाद के रूप में दिया था। बाबा ने कहा, “मैं कुछ नहीं हूं, जो भी शक्ति है, वह मेरी मां के दिए इस कंबल में है, और मैं इसी के सहारे लोगों की सेवा कर रहा हूं।” उन्होंने आगे बताया कि वे पूरी तरह अनपढ़ हैं।शिविर में मस्कुलर डिस्ट्रॉफी बीमारी से ग्रसित ऋतुराज सोनी और उनके परिजन पहुंचे उन्होंने बताया कि दिल्ली एम्स से लेकर कई बड़े अस्पतालों के चक्कर लगाकर हार चुके है। कंबल वाले बाबा का शिविर लगने की जानकारी मिलने पर वह उनके स्थान पर पहुंचे जहाँ पहले दिन ही उन्हें कुछ प्रतिशत लाभ दिखाई दिया है अभी चार दिनों तक शिविर में पहुंचने का आश्वासन मिला है।
