

रिपोर्टर राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत
मौदहा हमीरपुर।इचौली क्षेत्र के ग्राम अकबई आजी तालाब स्थित खेरापति मन्दिर प्रांगण में आयोजित शतचंडी महायज्ञ में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन सोमवार को कथा व्यास श्रेताम्बरा शास्त्री ने कहा कि मनुष्यों का क्या कर्तव्य है इसका बोध भागवत सुनकर ही होता है। विडंबना ये है कि मृत्यु निश्चित होने के बाद भी हम उसे स्वीकार नहीं करते हैं। निस्काम भाव से प्रभु का स्मरण करने वाले लोग अपना जन्म और मरण दोनों सुधार लेते हैं।
कथा व्यास ने कहा कि प्रभु जब अवतार लेते हैं तो माया के साथ आते हैं। साधारण मनुष्य माया को शाश्वत मान लेता है और अपने शरीर को प्रधान मान लेता है। जबकि शरीर नश्वर है। उन्होंने कहा कि भागवत बताता है कि कर्म ऐसा करो जो निस्काम हो वहीं सच्ची भक्ति है। इस मौके पर पुष्पेन्द्र कुमार, हरीराम सिंह, दीपक कुमार सिंह, बलराम सिंह, लल्ला कुशवाहा,संजय शर्मा, भान सिंह, श्यामबाबू गुप्ता,अनुरुद्ध सिंह सहित सैकड़ों भक्तों ने कथा का आनन्द लिया l