
*किसान कल्याण वर्ष 2026 में ,पांढुर्णा के किसान बन रहे आत्मनिर्भरता की मिसाल*
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
*सात एकड़ में स्वीटकॉर्न की खेती से दस लाख से अधिक मुनाफा: राजना के प्रगतिशील कृषक रमेश सातहाते बने किसानों के लिए प्रेरणा*
पांढुरना – पांढुरना ज़िले के ग्राम राजना के प्रगतिशील कृषक श्री रमेश सातहाते ने नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। सात एकड़ क्षेत्र में स्वीटकॉर्न की खेती कर उन्होंने दस लाख रुपये से अधिक का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया है, जिसमें प्रति एकड़ लगभग डेढ़ लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में पांढुर्णा जिले में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशानुसार तथा उपसंचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जिले के किसान नवाचार अपनाकर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। इस क्रम में ग्राम राजना स्थित श्री रमेश सातहाते के खेत में सात एकड़ में लगाई गई स्वीटकॉर्न फसल (किस्म ईस्ट बेस्ट – गोल्डन कॉप) का कृषि विभाग की टीम द्वारा फील्ड में पहुंचकर निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान उपसंचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह, सहायक संचालक कृषि श्री दीपक चौरसिया सहित कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसान से चर्चा की। किसान श्री रमेश सातहाते ने बताया कि उन्होंने अक्टूबर माह में स्वीटकॉर्न की फसल लगाई थी, जिसे व्यापारी खेत से ही 15 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदकर रायपुर (छत्तीसगढ़) एवं नागपुर ले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ लगभग 120 क्विंटल की उपज प्राप्त हो रही है।

किसान के अनुसार प्रति एकड़ लगभग 30 हजार रुपये का खर्च निकालने के बाद भी उन्हें करीब डेढ़ लाख रुपये प्रति एकड़ का शुद्ध मुनाफा प्राप्त हुआ है।
इस प्रकार सात एकड़ क्षेत्र से उन्हें दस लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है। कृषि विभाग ने इस सफलता को जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक बताया है।
उल्लेखनीय है कि राजना एवं सिवनी ग्राम में ही लगभग 50 किसान रबी सीजन में करीब 100 एकड़ क्षेत्र में स्वीटकॉर्न की फसल ले रहे हैं। श्री रमेश सातहाते जैसे नवाचारी किसान न केवल जिले बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनकर उभर रहे हैं।