




कष्टभंजन देदला धाम पर हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मेलनः
राष्ट्रीय कवि डॉ संदीप शर्मा और पंकज प्रसून ने सहित प्रख्यात कवि हुए शामिल,
‘भोजशाला’ और राम-काव्य ने बांधा समां
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
देदला धाम/कष्टभंजन देदला धाम में शनिवार रात अखिल भारतीय राष्ट्रीय कवि सम्मेलन हुआ। जिसमें देश के जाने-माने कवियों ने राष्ट्रभक्ति, सामाजिक सद्भाव, हास्य और व्यंग्य पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं।
कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया। रात 9 बजे से देर सुबह तक हास्य, वीर रस, श्रृंगार और सामाजिक विषयों पर आधारित कविताओं का पाठ किया गया। इस दौरान राजनीति पर भी व्यंग्य कसे गए।
देशभक्ति और हास्य कविताओं दर्शकों को सुनाई
राष्ट्रीय कवि डॉ संदीप शर्मा ने अपनी चतुर्भुज श्री राम जी के मंदिर में घंटियां आज भी बजती है कविताओं से समां बांधा। उन्होंने प्रेम-क्रांति की जज्बाती आवाज से श्रोताओं को भावविभोर किया। उनके मंच पर आते ही पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।डॉ. संदीप शर्मा ने अपनी ‘भोजशाला’ कविता प्रस्तुत की
राष्ट्रीय कवि डॉ. संदीप शर्मा ने अपनी ‘भोजशाला’ कविता भी प्रस्तुत की, जिसके अंश इस प्रकार हैं: ‘जहाँ शारदा की प्रतिमा का निश-दिन पूजन होता था, वेद मंत्रों और दिव्य ऋचाओं का आवर्तन होता था, यज्ञ कुण्ड में धधका करती थी अद्भुत तेजस ज्वाला, उस ज्वाला से अधिक तेजस्वी रहा भोज वह मत वाला, धमनियों के रक्त कणों में जहाँ काव्य ही बहता था, पत्थर का टकराना भी एक नया श्लोक रच देता था, ख्याति विश्व विजय थी जिनकी कविताओं के सृजन की, धार तेज थी शास्त्रों की और थी शास्त्रों के गर्जन की, शिक्षा जिस मंदिर के एक – एक वायु कण में रहती थी, संस्कृति के ही संग ज्ञान की एक आँधी सी बहती थी, मोर, पपैया, तोते,’।
वहीं राष्ट्रीय कवि डॉ पंकज प्रसून के द्वारा अपनी कविता में भगवान राम के जीवन के बारे में बताया
रघु कुल का सूरज जो बन कर के आया ओर अंतिम समय तक सभी को निभाया विश्वम काल में भी जो बिल्कुल समथा ऐसे हैं मेरे राम मेरे राम तुमको नमन जैसी कविताओं ने पंडाल में बैठे स्रोतों का मन मोह लिया
वहीं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के साथ मानस सम्मेलन का पांच दिवस कार्यक्रम का भी भी समापन हुआ वही चतुर्भुज श्री राम मंदिर मांडू के महामंडलेश्वर डॉक्टर नरसिंह दास जी महाराज द्वारा बताए गया कि परम पूज्य साकेत वासी श्री श्री 1008 रामनारायण दास जी महाराज जी की 29 पुण्य स्मरण पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें पांच दिवसीय श्री राम चरित्र मानस पाठ किया गया साथ ही रात्रि में खाटू श्याम के भजन संध्या और तेजाजी महाराज के भजन वही एक भव्य संतों के सानिध्य में विशाल धर्म सभा के साथ कार्यक्रम समापन पर विशाल भोजन प्रसादी भंडारे का आयोजन वह राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन क्या गया जिसमें पांच दिवस भक्तों ने श्री कष्टभंजन सरकार देदला धाम पर धर्म और आस्था का लाभ लिया