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सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करें

सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष शेरसिंह डागोर के निर्देश*

 

जलगांव (जिमाका / अनिलकुमार पालीवाल)

राज्य के सफाई कर्मचारियों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए शासन प्रतिबद्ध है। सफाई कर्मचारियों को सभी मूलभूत सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, समूह बीमा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए तथा उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाना आवश्यक है — ऐसे स्पष्ट निर्देश महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष शेरसिंह रुक्कनसिंह डागोर ने दिए। जिलाधिकारी कार्यालय के नियोजन भवन सभागार में “हाथ से मैला ढोने वाले सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति पर प्रतिबंध लगाने तथा उनके पुनर्वास से संबंधित अधिनियम 2013” के अमल की समीक्षा एवं सफाई कर्मचारियों की विविध समस्याओं और अड़चनों के निराकरण हेतु आयोजित बैठक में वे बोल रहे थे।

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इस अवसर पर श्री डागोर ने सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं, उनके स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक में जिलाधिकारी रोहन घुगे,

नगरपालिका जिला सह आयुक्त जनार्दन पवार, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. किरण पाटिल,उपजिल्हाधिकारी अर्चना मोरे, समाज कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती अनीता राठौड़ सहित जिले की सभी नगरपालिकाओं और नगर परिषदों के मुख्याधिकारी एवं शिक्षणाधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में शेरसिंह डागोर ने कहा कि शासन की लाडपागे समिति की सिफारिशें पूर्ण रूप से लागू की जानी चाहिए। कोरोना काल में अपने कर्तव्य का पालन करते हुए जिन सफाई कर्मचारियों का निधन हुआ है, उनके परिवारों को शासन की ओर से आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। इस संदर्भ में तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही सफाई कर्मचारियों के लिए ‘आयुष्मान भारत योजना’ के अंतर्गत विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर उनकी स्वास्थ्य जांच, उपचार और बीमा सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि सभी सफाई कर्मचारियों को समूह बीमा योजना, नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। सफाई कर्मचारियों को शासन की सभी योजनाओं – जैसे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसफल्य आवास योजना, शैक्षणिक और रोजगार संबंधी योजनाओं – का पूरा लाभ दिलाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना चाहिए।श्री डागोर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो सफाई कर्मचारी पिछले 25 वर्षों से शासकीय निवास स्थानों में रह रहे हैं, उन्हें शासन के नियमों के अनुसार वह घर उनके नाम पर स्वामित्व अधिकार सहित प्रदान किया जाए। साथ ही जिन सफाई कर्मचारियों के पास 1950 से पहले के जाति प्रमाण नहीं हैं, उन्हें जाति वैधता प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कोई अड़चन नहीं आनी चाहिए। इस संदर्भ में पुलिस सतर्कता पथक की रिपोर्ट को वैध मानकर प्रमाणपत्र जारी किए जाएं — ऐसे निर्देश उन्होंने समाज कल्याण विभाग को दिए।सफाई कर्मचारियों से संबंधित सभी शासकीय योजनाओं का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन होना चाहिए। इसके लिए नगरपालिका के मुख्याधिकारी को शासन के निर्णयों का पूरा अध्ययन कर, विभिन्न योजनाओं का लाभ सफाई कर्मचारियों तक पहुंचाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कर्मचारियों को प्रतिदिन के कार्य हेतु आवश्यक वस्तुएं — जैसे कपड़े, जूते आदि — प्रदान किए जाने चाहिए। इन सामग्रियों की खरीद प्रक्रिया समाप्त कर, उनकी राशि सीधे सफाई कर्मचारियों के खातों में जमा करने की दिशा में नगरपालिका प्रशासन को कार्य करना चाहिए।

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