

चोपड़ा…(अनिलकुमार पालीवाल): चोपड़ा नगर परिषद द्वारा “माझी वसुंधरा 6.0” तथा “स्वच्छ सर्वेक्षण 2025” अभियान के तहत प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी के अंतर्गत श्रीराम नगर कॉलोनी क्षेत्र में नागरिकों के सहयोग से दिनांक 29 अक्टूबर 2025 को वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन मुख्याधिकारी श्री रामनिवास झंवर की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पर्यावरण संरक्षण, हरित क्रांति और स्वच्छ चोपड़ा अभियान के तहत यह वृक्षारोपण किया गया।
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्याधिकारी श्री रामनिवास झंवर ने कहा कि यदि चोपड़ा शहर को हरित और नंदनवन बनाना है, तो प्रत्येक नागरिक को कम से कम एक पेड़ लगाकर वसुंधरा एवं पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहिए। केवल पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसका उचित रखरखाव और संरक्षण भी आवश्यक है, ताकि पर्यावरण की हानि न हो—इसका ध्यान रखना चाहिए। नागरिकों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने हेतु वृक्षारोपण की आवश्यकता पर बल दिया गया तथा सभी उपस्थित नागरिकों ने “प्रत्येक व्यक्ति एक पेड़ लगाए और उसका पालन-पोषण करे”—ऐसी शपथ ली। इस अभियान के अंतर्गत लगभग 100 पेड़ लगाए गए। इन पेड़ों की नियमित देखभाल की जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनी के नागरिकों ने स्वयं स्वीकार की है। इनमें वट, पीपल, नीम, चाफा, गुलमोहर और अशोक वृक्ष शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन “साँसें हो रही हैं कम, आओ पेड़ लगाएँ हम” इस प्रेरक नारे के साथ हुआ। चोपड़ा नगर परिषद की ओर से स्वच्छता निरीक्षक श्रीमती दीपाली साळुंके ने प्रस्ताविक भाषण में नागरिकों से “एक व्यक्ति – एक पेड़” इस संकल्प में सहभागी होकर हरित, स्वच्छ और सुंदर चोपड़ा बनाने में योगदान देने का आवाहन किया।
इस अवसर पर उपमुख्याधिकारी संजय मिसर, पा.पु. अभियंता जितेंद्र मोरे, विद्युत अभियंता प्रमोद पाटिल, लेखापाल मयूर शर्मा, श्रीमती भारती पाटिल, स्वच्छता निरीक्षक वसंत राठौड़, श्रीमती दीपाली साळुंके, शहर समन्वयक स्वप्निल धनगर, विजय करणकाळ, भास्कर पाटिल, दिगंबर पाटिल, कैलास राणे, पुंडलिक मराठे, कैलाश मराठे, दीपक मराठे, शशिकांत चौधरी, किशोर ठाकरे आदि उपस्थित थे।
साथ ही श्रीराम नगर के निवासी, महिलाएँ, नगर परिषद के मुकादम और सहायकों ने उपस्थिति दर्शाई।
कार्यक्रम की सफलता के लिए निरीक्षक श्रीमती दीपाली साळुंके, कमलेश पाटिल, भरत देशमुख और योगेश शिरसाठ की टीम ने विशेष परिश्रम किया।