

बालाजी ब्रजमंडल की 84 कोस यात्रा पहुंची कामवन के तीर्थराज विमलकुंड
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां डीग 9783029649
कामां – बालाजी तीर्थयात्रा मंडल कोसीकलां क़े पावन सानिध्य में साप्ताहिक ब्रज 84 कोस यात्रा क़े तहत देवीराम गर्ग हवेलिया क़े आयोजन में हजारों कृष्ण भक्तों ने किये तीर्थराज विमलकुण्ड विराजित मुख्य मन्दिर विमल बिहारी क़े दर्शन व पूजन। मन्दिर विमल बिहारी क़े सेवायत संजय लवानिया ने सभी को विमल बिहारी का माहात्म्य सुनाया।
लवानिया ने विमलकुण्ड का माहात्म्य सुनाते हुए क़हा कि यहां कृष्ण के बचपन के अतीत के सबसे महत्वपूर्ण पुरातत्व अवशेष हैं। कामवन विराजित श्रीकृष्ण लीला क्षेत्रों के दर्शन मात्र से मन को अभूतपूर्व सुख-शांति व आनन्द की प्राप्ति होती है, इसीलिए असंख्य रसिक भक्त जनों ने इस परम पावन व दिव्य लीला-भूमि में निवास कर प्रिया-प्रियतम का अलौकिक साक्षात्कार करके अपना जीवन धन्य किया है। वस्तुत:इस भूमि का कण-कण राधा-कृष्ण की पावन लीलाओं का साक्षी है।
ब्रजयात्रियों ने बद्रीनाथ ,केदारनाथ महादेव ,चरण पहाड़ी, बैठक ज़ी ,भोजन थाली ,खिसलनी शिला,भामासुर की गुफा , सेतुबंध रामेश्वर ,लंका -यशोदा ,अशोक वाटिका ,वृंदारानी ,गोविंददेव जी ,गोपीनाथ जी ,कामेश्वर महादेव सहित अन्य मंदिरों ,कुण्डों व पौराणिक स्थलों,
विमल राजा ,विमल देवी ,विमल बिहारी जी ,सिद्ध बाबा मन्दिर ,तीर्थराज विमलकुण्ड की परिक्रमा कर आचमन व दर्शन किये ।