

रिपोर्टर राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत
सुमेरपुर हमीरपुर। बीहड़ों में बसी ग्राम पंचायत सुरौली बुजुर्ग में फर्जी प्रमाण पत्र जारी होने की शिकायत के बाद पंचायत सहायक के त्यागपत्र देने के बाद प्रकाशित हुई खबर में रविवार को नया मोड़ आ गया। भूमिगत पंचायत सहायक ने मीडिया के समक्ष आकर दावा किया कि उसने त्यागपत्र नहीं दिया। पंचायत सचिव ने कमरे में बंधक बनाकर डरा धमकाकर त्यागपत्र लिखवा लिया और हस्ताक्षर कराकर ब्लॉक पहुंचा दिया। वह पूरी तरह से निर्दोष है। उसे सचिव बलि का बकरा बना रहे हैं। जन्म प्रमाण पत्र सचिव के ओटीपी से जारी होते हैं। गांव में कुछ युवक फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का सिंडिकेट चला रहे हैं। जिन्हें पंचायत सचिव का संरक्षण प्रदान है। पंचायत सचिव का दावा है कि उसके भी हस्ताक्षर फर्जी बनाए गए हैं। जिसकी जांच खंड विकास अधिकारी कर रहे हैं। विगत दिनों सुरौली बुजुर्ग की प्रधान रामप्यारी निषाद ने उच्च अधिकारियों को शिकायत भेज कर पंचायत में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी होने का आरोप लगाया था। इस शिकायत को प्रशासन ने गंभीरता के साथ लिया और जांच खंड विकास अधिकारी आशीष कटियार को सौंपी है। शिकायत होने पर पंचायत सहायक जयप्रकाश तिवारी का 17 अक्टूबर को इस्तीफा हो गया। खबर प्रकाशित होने के बाद रविवार को पंचायत सहायक जयप्रकाश तिवारी मीडिया के सामने आया और पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने कमरे में बुलाकर पूर्व में तैयार कागजातों पर जबरिया हस्ताक्षर कराकर त्यागपत्र लिखवा लिया। साजिश के तहत सचिव ने त्यागपत्र को ब्लॉक कार्यालय में जमा कर दिया, जबकि वह पूरी तरह से निर्दोष है।जन्म प्रमाण पत्र बनाने में उसकी कोई भूमिका नहीं है। उसे मुकदमे का भय दिखाकर अभी भी डराया जा रहा है। पंचायत सहायक ने बताया कि फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने में सचिव की ही भूमिका है, क्योंकि उनकी ओटीपी से ही प्रमाण पत्र जारी होते हैं। उसके अधिकार क्षेत्र में कुछ भी नहीं है। बताया कि उसे पिता की कोरोना काल मौत के कारण उसका चयन हुआ था। लेकिन सचिव ने साजिश के तहत उसकी रोजी-रोटी छीन ली है। इसकी शिकायत वह सोमवार को जिलाधिकारी से करेगा। पंचायत सचिव सुरेंद्र पटेल ने कहा कि पंचायत सहायक के आरोप निराधार हैं। मामले की जांच चल रही है,जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही होगी।