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हमीरपुर:बुण्देलखण्ड के सबसे बडे आयोजन कम्हरिया मेले की तैयारियां तेज

संवादाता राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत 

मौदहा हमीरपुर। देश दुनिया में विख्यात हजरत बाबा निजामी यानि हकीम बाबा का चार दिवसीय 63वां सालाना उर्स 29अक्टूबर से शुरू होगा जिसके लिए जिला प्रशासन से लेकर ग्राम पंचायत और उर्स कमेटी तक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं जो लगातार उर्स तक चलेंगी। उर्स में हर दिन आने वाले लाखों श्रृद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से मजार के आसपास और अत्यधिक भीडभाड वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जबकि गांव के स्कूल में अस्थाई पुलिस चौकी बनाई जाएगी जिसमें चौबीस घंटे पुलिस के अधिकारी मौजूद रहेंगे और सारे मेला क्षेत्र को दो सेक्टरों में बांटा जाएगा जहाँ लगातार महिला और पुरुष पुलिस कर्मचारियों की तैनाती रहेगी वहीं ग्राम पंचायत की ओर से साफ सफाई और पानी की आपूर्ति नलों के साथ टैंकर द्वारा की जाएगी, जबकि बिजली व्यवस्था की जिम्मेदारी के लिए बिजली विभाग के कर्मचारी चौबीस घंटे मेला क्षेत्र में तैनात रहेंगे।

देश विदेश में विख्यात सूफी संत हकीम बाबा निजामी का सालाना उर्स 29अक्टूबर से

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     उत्तर प्रदेश के देवा मेले और मकनपुर उर्स के बाद तीसरे बडे और बुण्देलखण्ड के सबसे बडे आयोजन हजरत बाबा निजामी कम्हरिया शरीफ का चार दिवसीय 63सालाना उर्स इस साल 29अक्टूबर से शुरू हो रहा है, जो एक नवम्बर तक चलेगा। उर्स के पहले दिन मजार पर मीलाद और नातिया मुशायरे का आयोजन किया जाएगा।जबकि दूसरे दिन तीस नवम्बर को बाद नमाज़ फजिर कुरान ख्वानी,बाद नमाज़ जोहर फातिहा, बाद नमाज़ असर चादर पोशी और बाद नमाज़ इशा कव्वालियों की महफिल होगी जिसमे क्षेत्रीय और बाहरी कव्वाल अपनी कव्वालियां पेश करेंगे।इसी तरह तीसरे दिन भी बाद नमाज़ फजर कुरान ख्वानी, बाद नमाज़ जुमा फातिहा और लंगर, चादरपोशी बाद नमाज़ इशा कव्वालियों की महफिल होगी। वहीं एक नवम्बर को कुल की फातिहा के बाद चार दिवसीय उर्स का समापन होगा।

बताते चलें की कम्हरिया मेले को लेकर गांव से दस किलोमीटर दूर रागौल रेलवे स्टेशन और आठ किलोमीटर नेशनल हाइवे पर ही उर्स जैसा नजारा देखने को मिलता है और रेलवे स्टेशन से लेकर सडकों पर जगह जगह हिन्दू मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा लंगर का आयोजन किया जाता है तथा उर्स में आने वाले मेहमानों की सेवा की जाती है। इतना ही नहीं कम्हरिया उर्स में आसपास के जनपदों के अलावा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, बंगाल, झारखण्ड, दिल्ली एनसीआर सहित भारत के लगभग सभी राज्यों से हजारों अकीदतमंद मजार पर आकर हाजरी देते हैं। जबकि सऊदी अरब, कतर, बहरीन, दुबई सहित अन्य खाडी देशों से भी हजारों कामगार उर्स में छुट्टी लेकर बाबा के मजार पर हाजरी देने आते हैं वह अलग बात है कि, बीते तीन दशक से सम्बन्ध खराब होने के चलते पाकिस्तान के लोगों को वीजा मिलना मुश्किल हो गया है नहीं तो हजारों जायरीन पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी अकीदत के साथ मजार पर हाजिरी देते थे।

हिन्दू मुस्लिम एकता की प्रतीक तीन दरगाहों वाली कम्हरिया में उर्स को लेकर अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं और जिला स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक मेले की तैयारियां की जा रही हैं। और सभी मेले को सकुशल सम्पन्न कराने में जुटे हुए हैं।

 

 

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