
अखण्ड भारत न्यूज लखीमपुर खीरी सतेन्द्र कुमार राठौर
10 दिनों से चले आ रहे धरना प्रदर्शन को वकील और डॉक्टरों के बाद सभासद का भी समर्थन

पलिया कलां लखीमपुर खीरी रेल चलाओ पलिया बचाओ संघर्ष समिति के संयोजन में पलिया रेल स्टेशन पर सभासदो द्वारा अनिश्चित कालीन क्रमिक धरना के दसवे दिन समर्थन दिया गया। कामरेड कमलेश राय के संयोजन बुधवार की धरना मे राज कपूर मुसाफिर नगर घोला, प्रमोद कुमार राणा ग्राम प्रधान सिंगाही खुर्द, गया प्रसाद माजरा पश्चिम, संतोष कुमार राणा सिंगाही खुर्द, राजकुमार कंपनी फॉर्म, अमरीक सिंह पूर्व प्रधान मझरा पश्चिम, प्रीतम सिंह माजरा पश्चिम, मोहम्मद मुमताज राजा खां बड़ा गांव ,आदि ने बुधवार को कार्मिक धरना में बैठकर प्रदेश सरकार तथा रेल विभाग की दमन कारी नीतियों के विरुद्ध रेल चलाओ पलिया बचाओ अभियान सफल बनाने हेतु धरना में अपना विशेष योगदान देते हुए धरना को सफल बनाया।
धरनाके दसवें दिन बुधवार को पलिया नगर पालिका परिषद पलिया के निर्वाचित सभासद मंडल ने सभासद गौरव गुप्ता के संयोजन में रेल चलाओ पलिया बचाओ संघर्ष समिति को समर्थन देते हुए धरना स्थल पर पहुंचकर इस धारना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कमलेश राय, कामरेड आरती राय, लल्लन गौड, पत्रकार विश्वकांत त्रिपाठी, सरदार अमरीक सिंह,आदि का माल्यार्पण का स्वागत करते हुए कहा की पलिया ही नहीं पूरे क्षेत्र को रेल को बहुत आवश्यक रेल की बहुत आवश्यकता है रेल न चलने के अभाव से क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों को तो परेशानी हुई ही है साथ-साथ ही क्षेत्रीय छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बस से सफर करना पड़ता है जिसके चलते उनकी जेब पर बोझ बढ़ता है इसके चलते स्थानीय डिग्री कॉलेज में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं की शिक्षा पर व्यापक प्रभाव पड़ा है और स्कूल कॉलेज में छात्रों की संख्या लगभग 30 से 40 परसेंट घट गई है राजकीय डिग्री कॉलेज पलिया मे रेल बंद होने के कारण छात्रों की संख्या 4500 से घटकर मात्र 800 रह गई है। जिससे सुदूरवर्ती क्षेत्र सिंगाही बेलरायां, तिकोनिया, भीरा, भानपुर, मैलानी, आदि से जो छात्र स्थानीय राजकीय महाविद्यालय में शिक्षा अर्जित करने आते थे उनकी संख्या तो घाटी ही है साथ ही शिक्षा पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है राज्य और केंद्र सरकार की दमनकारी नीति के चलते बिना किसी पूर्व सूचना के 29 जून से मैलानी नानपारा रेल ट्रैक पर रेल विभाग ने पटरी के नीचे बाढ़ के पानी द्वारा की बात को कहकर रेल यातायात बंद करवा दिया था जिससे क्षेत्र के विकास पर खासा प्रभाव पड़ा है इस है तो रेल चलाओ पलिया बचाओ संघर्ष समिति के बैनर के नीचे दिनांक 6 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया है जब तक रेल नहीं चलेगी धरना प्रदर्शन के माध्यम से हम अपनी आवाज उठाते रहेंगे इस दौरान पांच दर्जन से अधिक लोग मौजूद रहे
