
*विपिन वानखेड़े के आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ता दिखाएंगे काले झंडे*
*देपालपुर में जिला अध्यक्ष का कल होगा पुतला दहन*
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
देपालपुर न्यूज / नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। इंदिरा भवन ट्रेनिंग लेने पहुंचे विपिन वानखेड़े को दिल्ली में अपने विरोध का सामना करना पड़ा इस विरोध की चिंगारी इंदौर से लेकर दिल्ली तक पहुंच चुकी है। गांव के नेता पैराशूट नेता को अपना जिला अध्यक्ष मानने को तैयार नहीं हैं। जिसको लेकर देपालपुर और सांवेर में जमकर विरोध प्रदर्शन भी हुए लगातार पुतले दहन किए गए जब बड़े नेताओं के कानों में आवाज नहीं पहुंची तो देपालपुर सांवेर के कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन के बाहर धरने पर बैठ गए इतना ही नहीं पार्टी के बड़े नेताओं से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराया प्रदेश प्रभारी और संगठन प्रभारी ने अस्वस्थ किया था कि 7 दिनों में इसकी रिपोर्ट बुलवाकर जिला अध्यक्ष पर जो नियुक्ति हुई उस पर निराकरण किया जाएगा। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी मौन धारण कर बैठे हैं। उन्होंने इंदौर जिले के जिला अध्यक्ष में अपनी ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इंदौर जिले के ग्रामीण नेता विपिन को नेता मानने के लिए तैयार नहीं है। क्योंकि विपिन को पैराशूट जिला अध्यक्ष के रूप में देख रहे है। उनको इंदौर के गांवों की राजनीति पता नहीं दूसरा सबसे बड़ा कारण है। कि संगठन सर्जन के तहत जो नाम लिए गए थे। उनको दरकिनार कर पैराशूट जिला अध्यक्ष पार्टी ने बनाया इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में विपिन का लगातार बड़ा विरोध हो रहा है।
कल देपालपुर में नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े बैठक लेने और कार्यकर्ताओं से मिलने आ रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता कल विपिन वानखेड़े का पुतला दहन करेंगे और काले झंडे दिखाएंगे और विपिन का विरोध करेंगे क्या इस प्रकार से गांव में कांग्रेस मजबूत हो पाएगी या फिर ऐसा समय आ जाएगा कि कांग्रेस के पास काम करने वाले कार्यकर्ता ही नहीं बचेंगे।
राहुल गांधी भी मध्य प्रदेश की नियुक्तियों में हुई धांधली को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है। कि जो गलतियां मध्यप्रदेश में हुई वह दूसरे राज्यों में नहीं होना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी देखा इंदौर जिले की नियुक्ति पर इंदिरा भवन पर कांग्रेसियों ने जो धरना दिया था प्रदर्शन किया था। वह इसका सीधा प्रसारण पार्टी मुख्यालय पर टीवी के माध्यम से देख रहे थे।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष घटनाक्रम से स्पष्ट पता चलता है कि कांग्रेस में अभी भी पट्ठा वाद ही चल रहा है। बड़े नेता अपने-अपने नेताओं को सेट करने में लगे हैं। संगठन और पार्टी से उनको कोई लेना-देना नहीं जिस प्रकार से मध्य प्रदेश में नियुक्तियां हुई अब देखना होगा जिला कांग्रेस अध्यक्ष की लड़ाई कहां तक पहुंचती है। संगठन और पार्टी के नेता इंदौर जिला अध्यक्ष मामले में क्या निर्णय लेते हैं।