*शहडोल संभाग खबर
जैतपुर खाद घोटाले का काला सच – “लेखपाल से विक्रेता बने राजाराम कुशवाहा ही असली गुनहगार?
*शहडोल। जैतपुर*
*लैम्प्स समिति जैतपुर और खाद गोदाम खोडरी में हुए 346 बोरी यूरिया ब्लैक मार्केटिंग घोटाले ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। किसानों की रातों की नींद उड़ चुकी है और प्रशासन की नींव हिल गई है। समिति प्रबंधक यमुना प्रसाद मिश्रा पर तो कार्रवाई हुई, लेकिन अब सवाल उठ रहा है –**👉 “मिश्रा तो मोहरा था, असली गुनहगार कौन है?”*
*किसानों का दावा है कि राजाराम कुशवाहा ही इस पूरे काले खेल का मास्टरमाइंड है।*
*लेखपाल से विक्रेता बनने की गहरी साजिश*
*चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग ने कुशवाहा को पहले लेखपाल बनाया और फिर सीधे विक्रेता का पद दे दिया।*
*किसानों का कहना है कि यहीं से भ्रष्टाचार का काला अध्याय शुरू हुआ।*
*👉 एक सामान्य कर्मचारी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी देकर खाद वितरण पर उसका कब्ज़ा करा दिया गया।*
*👉 यही वजह है कि सैकड़ों बोरी खाद खुलेआम ब्लैक मार्केट में बेची गई और गरीब किसान खेतों में खाद के लिए तरसते रह गए।*
*किसानों का गुस्सा फूटा – “अब बस बहुत हुआ”*
*गांव-गांव से आवाज उठ रही है कि –*
*कुशवाहा को तुरंत निलंबित किया जाए।*
*उसका इन्क्रीमेंट, इंसेंटिव और सभी शासकीय लाभ बंद किए जाएँ।*
*जांच पूरी होने तक केवल जीविका भत्ता दिया जाए।*
*दोष सिद्ध होने पर सीधी बर्खास्तगी और जेल की सजा दी जाए।*
*आपराधिक केस की मांग*
*किसानों का कहना है कि यह महज विभागीय लापरवाही नहीं, बल्कि आपराधिक षड्यंत्र है।*
*👉 यूरिया ब्लैक मार्केटिंग ने न सिर्फ किसानों की मेहनत पर चोट की, बल्कि भूख और कर्ज के दलदल में धकेल दिया।*
*👉 इसलिए प्रशासन को चाहिए कि कुशवाहा पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सीधे सलाखों के पीछे भेजा जाए।*
*किसानों की पीड़ा*
*“हम दिन-रात खेतों में खटते हैं, फिर भी हमें खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। हमारी पीठ पर कर्ज का बोझ है और ऊपर से ये अधिकारी ब्लैक मार्केटिंग कर हमें तबाह कर रहे हैं। मिश्रा तो मोहरा था, असली खून चूसने वाला कुशवाहा है। जब तक उस पर कार्रवाई नहीं होती, न्याय अधूरा है।” – किसानों का आक्रोश।*
*किसानों की सार्वजनिक अपील*
*किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस घोटाले को दबाने की कोशिश न की जाए।*
*👉 अब यह आवाज सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी गूंज रही है।*
*किसानों का कहना है –*
*“अगर सच में किसानों की चिंता है तो कुशवाहा को तुरंत निलंबित किया जाए, सभी लाभ बंद हों और उसे जेल भेजा जाए। जब तक कार्रवाई नहीं होगी, हम आंदोलन और सोशल मीडिया पर आवाज उठाते रहेंगे।”*
*@CMMadhyaPradesh*
*@MPGovt*
*@OfficeOfCollectorShahdol*
*@SP_Shahdol*
*@tribaldeptmp*
*@CoopDept_MP*
*@AgriDept_MP*
*अब पूरा जिला पूछ रहा है –*
*“राजाराम कुशवाहा कब निलंबित होगा और कब जेल जाएगा?”*