
ओडिशा में ड्राइवरों का आंदोलन अब और अधिक जोर पकड़ने जा रहा है। राज्य ड्राइवर महासंघ ने ऐलान किया है कि 15 जुलाई से आंदोलन को और उग्र रूप में चलाया जाएगा। महासंघ के अध्यक्ष प्रशांत मेंडुली ने एक वीडियो संदेश जारी कर सभी ड्राइवरों से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है। उन्होंने सरकार पर ड्राइवरों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है और इसे “करो या मरो” की स्थिति बताया है।
हालांकि, मेंडुली को पुलिस द्वारा तलाशा जा रहा है, फिर भी वे आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दे रहे हैं। वीडियो संदेश में उन्होंने ड्राइवरों से अपील की है कि वे सड़क पर चलने वाले वाहनों को जबरन न रोकें और न ही अन्य चालकों को परेशान करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के खिलाफ पुलिस केस बनने जैसी स्थिति से बचा जाए, लेकिन अपनी मांगों पर अडिग रहकर शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखा जाए।
इस बीच आंदोलन को बड़ा झटका तब लगा जब राज्य ड्राइवर महासंघ के कोषाध्यक्ष आदित्य प्रसाद बेहेरा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर भुवनेश्वर के मंचेश्वर थाने में अव्यवस्था फैलाने और अन्य ड्राइवरों को डराने-धमकाने का आरोप लगा है। यह शिकायत मिनी ट्रक मालिक संघ की ओर से की गई थी।
दूसरी ओर, ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर गोदभंजा गोलचौक के पास ड्राइवरों का स्टीयरिंग छोड़ आंदोलन लगातार जारी है। छत्तीसगढ़ ड्राइवर संघ ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है, जिससे ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच परिवहन व्यवस्था बाधित हो गई है।
ड्राइवर संघ का कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार की चुप्पी उन्हें और मजबूर कर रही है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
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मुख्य बातें:
15 जुलाई से आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
महासंघ अध्यक्ष मेंडुली का वीडियो संदेश वायरल।
कोषाध्यक्ष आदित्य बेहेरा की गिरफ्तारी।
छत्तीसगढ़ ड्राइवर संघ का समर्थन।
ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित।