
‘ पार्षद नहीं लगेंगे लाइन में , निर्धारित हो समय , अलग से व्यवस्था की मांग नगर निगम

सेवाभवन में संचालित जन्म – मृत्यु प्रमाणपत्र पटल पर बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध की व्यवस्था की गई है । इसके तहत ही वहां लगा दरवाजा हटवाकर सेंसर युक्त आटोमेटिक लाक होने वाला दरवाजा लगवाया जा रहा है । पटल के कर्मचारियों का चेहरा या अंगूठे के निशान से ही वो खुलेगा और उस कर्मचारी के अंदर जाने के बाद दरवाजा आटोमेटिक लाक हो जाएगा । पटल से संबंधित व्यक्ति के अलावा कोई भी अंदर नहीं जा सकेगा । इसमें पार्षदों के प्रवेश पर भी रोक लग गई है । पार्षदों ने इसको अपमान करार दिया और मांग हुए कहा है कि वे लाइन में नहीं लगेंगे , उनके लिए अलग से व्यवस्था की जाए । पार्षद अंशु अग्रवाल ने इस संबंध में नगर आयुक्त को पत्र भी लिखा है । मांग की है कि पार्षदों के लिए निश्चित समय निर्धारित किया जाए । जिस समय पर वो आकर अपनी क्षेत्रीय जनता के जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्रों के आवेदन दे सकें । पत्र में लिखा कि पार्षदों के पटल के अंदर जाने पर रोक के आदेश से सभी पार्षदगण अपमानित महसूस कर रहे हैं । नगर आयुक्त अमित आसेरी ने कहा कि प्रमाणपत्र बनवाने में किसी भी असंवैधानिक प्रक्रिया को रोकने के लिए ही ये कदम उठाया गया है । पार्षदों के लिए तो सम्मानजनक व्यवस्था बनाई गई है । उनको किसी निश्चित समय में पटल पर भी जाने की जरूरत नहीं है । वे अपने के अनुसार सेवाभवन में ही जोन प्रभारी के कार्यालय में सम्मानपूर्वक बैठें । वहीं पर उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा । उनको जन्म – मृत्यु प्रमाणपत्र पटल के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है ।
