
फोटो – पांसरा में तालाब की तरफ खुले दरवाजे पर सील लगाते निगम कर्मी।
पांसरा में तालाब की तरफ खुले छह भवनों के दरवाजे नगर निगम ने किए सील
दो नोटिस और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद भी कोई जवाब न देने पर निगम ने की कार्रवाई
यमुनानगर। नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांसरा गांव में तालाब की ओर खुले छह भवनों के दरवाजों को सील कर दिया। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देशों पर नगर निगम की टीम द्वारा की गई। निगम अधिकारियों के अनुसार संबंधित भवनों में तालाब की ओर अनधिकृत रूप से प्रवेश द्वार बनाए गए थे, जो नगर निगम की भूमि पर अतिक्रमण एवं निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन पाए गए। नगर निगम द्वारा सभी छह भवन मालिकों को दो बार शो-कॉज नोटिस दिया। बाद में व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद नगर निगम ने हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 250, 261, 262 और 263 ए के तहत सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई उप नगर योजनाकार मुनेश्वर भारद्वाज, मृणाल जैयसवाल, कनिष्ठ अभियंता मनीष कुमार की टीम द्वारा की गई। बता दें कि नगर निगम को वार्ड नंबर-12 के पांसरा क्षेत्र में तालाब की तरफ कुछ भवनों के प्रवेश द्वार को लेकर शिकायत मिली थी। जिसके बाद उप नगर योजनाकार व भवन निरीक्षकों द्वारा मौके का निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट में सामने आया कि इन भवनों के दरवाजे तालाब की ओर खोले गए थे। मामले में संबंधित भवन मालिकों को पहले नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। जिसके बाद कार्रवाई की गई। नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने कहा कि नगर निगम की जमीन, तालाब अथवा अन्य सार्वजनिक संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण अथवा कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहर में अवैध निर्माण और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निगम की संपत्ति और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएं तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने भवन मालिकों को भी चेतावनी दी कि बिना अनुमति किए गए निर्माण को स्वयं हटाएं और भविष्य में नगर निगम की भूमि या तालाब की सीमा में किसी प्रकार का निर्माण न करें।

