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हमीरपुर :बिना चिकित्सक के चल रही इमरजेंसी सेवाएं, चिकित्सा विभाग की खुली पोल

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट

सुमेरपुर हमीरपुर । कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का बुरा हाल है। रात में इमरजेंसी से डॉक्टर गायब रहते हैं। फार्मासिस्ट मरीजों को देखे बिना ही डॉक्टर के अभाव में रेफर कर देते हैं। इसका एक वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया में वायरल हुआ। वायरल वीडियो में फार्मासिस्ट मोबाइल चलाने में व्यस्त है और बोल रहा है कि डॉक्टर नहीं है। डॉक्टर कक्ष की कुर्सी खाली पड़ी हुई है। वायरल वीडियो की पुष्टि आपका अपना अखबार नहीं करता है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बचाव की मुद्रा में है। सूत्रों का कहना है कि प्रभारी की ही इमरजेंसी में ड्यूटी थी लेकिन वह ठीकरा दूसरे डॉक्टर पर फोड़कर बचने की जगत में है।

बीती रात 11 बजे कस्बे के सब्जी मंडी निवासी लक्ष्मी गुप्ता पत्नी अशोक कुमार गुप्ता को हाई बीपी होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उनका पुत्र युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष मृत्युंजय उर्फ गुल्लू गुप्ता लेकर आया था। मृत्युंजय का आरोप है कि जब वह मां को लेकर पहुंचा तब अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं था। ड्यूटी में मौजूद फार्मासिस्ट ने डॉक्टर न होने की बात कह कर मरीज को सदर अस्पताल ले जाने के लिए बोल दिया। गुस्साए युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष ने स्वास्थ्य सेवा की बदहाल व्यवस्था का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपलोड करके सरकारी व्यवस्था पर उंगली उठाते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं।

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वायरल वीडियो की पुष्टि हेतु जब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि डॉक्टर शशांक की ड्यूटी इमरजेंसी में थी। वह मौजूद थे अथवा नहीं, इसकी जांच करेंगे। वही डा. शशांक ने बताया कि वह 24 घंटे जिला कारागार में ड्यूटी कर रहे हैं। इससे प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सवालों के घेरे पर हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की ही ड्यूटी थी। वीडियो वायरल होने के बाद वह बचाव की मुद्रा में आकर कार्यवाही से बचने की जुगत ढूंढने लगे हैं। वायरल वीडियो की आपका अपना अखबार पुष्टि नहीं करता है। वीडियो वायरल होने के बाद कस्बे के स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली की पोल खुल गई है। कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का बुरा हाल है। रात में इमरजेंसी से डॉक्टर गायब रहते हैं। फार्मासिस्ट मरीजों को देखे बिना ही डॉक्टर के अभाव में रेफर कर देते हैं। इसका एक वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया में वायरल हुआ। वायरल वीडियो में फार्मासिस्ट मोबाइल चलाने में व्यस्त है और बोल रहा है कि डॉक्टर नहीं है। डॉक्टर कक्ष की कुर्सी खाली पड़ी हुई है। वायरल वीडियो की पुष्टि आपका अपना अखबार नहीं करता है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बचाव की मुद्रा में है। सूत्रों का कहना है कि प्रभारी की ही इमरजेंसी में ड्यूटी थी लेकिन वह ठीकरा दूसरे डॉक्टर पर फोड़कर बचने की जगत में है।

बीती रात 11 बजे कस्बे के सब्जी मंडी निवासी लक्ष्मी गुप्ता पत्नी अशोक कुमार गुप्ता को हाई बीपी होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उनका पुत्र युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष मृत्युंजय उर्फ गुल्लू गुप्ता लेकर आया था। मृत्युंजय का आरोप है कि जब वह मां को लेकर पहुंचा तब अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं था। ड्यूटी में मौजूद फार्मासिस्ट ने डॉक्टर न होने की बात कह कर मरीज को सदर अस्पताल ले जाने के लिए बोल दिया। गुस्साए युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष ने स्वास्थ्य सेवा की बदहाल व्यवस्था का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपलोड करके सरकारी व्यवस्था पर उंगली उठाते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं।

वायरल वीडियो की पुष्टि हेतु जब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि डॉक्टर शशांक की ड्यूटी इमरजेंसी में थी। वह मौजूद थे अथवा नहीं, इसकी जांच करेंगे। वही डा. शशांक ने बताया कि वह 24 घंटे जिला कारागार में ड्यूटी कर रहे हैं। इससे प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सवालों के घेरे पर हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की ही ड्यूटी थी। वीडियो वायरल होने के बाद वह बचाव की मुद्रा में आकर कार्यवाही से बचने की जुगत ढूंढने लगे हैं। वायरल वीडियो की आपका अपना अखबार पुष्टि नहीं करता है। वीडियो वायरल होने के बाद कस्बे के स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली की पोल खुल गई है।

 

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